कृषि कानूनों को लेकर सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच निहंग कई बार संयुक्त किसान मोर्चा के लिए समस्या बन चुके हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने अपने ट्वीट और निहंगों द्वारा एक युवक की नृशंस हत्या की कठोर निंदा करने के साथ ही निहंगों को किसान आंदोलन से हटने की भी मांग की है। योगेंद्र यादव ने कहा कि उनका आंदोलन कोई धार्मिक मोर्चा नहीं है, बल्कि किसानों का मोर्चा है और निहंगों के लिए इसमें कोई जगह नहीं है। इसलिए निहंगों को इस किसान आंदोलन से तुरंत हट जाना चाहिए। इससे पहले किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल भी यह मांग कर चुके है। बलवीर सिंह ने कहा था कि निहंगों का किसान आंदोलन में कोई काम नहीं है इसलिए उन्हें यहां से चले जाना चाहिए।
संयुक्त किसान मोर्चा इस नृशंस हत्या की कठोर निंदा करता है।
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) October 15, 2021
हम किसी भी धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के खिलाफ हैं,लेकिन इस आधार पर किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत बिलकुल भी नहीं है
हत्या के दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दी जाए।मोर्चा प्रशासन का हरसंभव सहयोग करेगा pic.twitter.com/vTpbdP9vtK
उस वक्त राजेवाल की बात का विरोध हुआ था और कहा गया था कि निहंग, किसानों की हिमायत पर आए हैं तो कैसे हटाया जा सकता है, लेकिन गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में निहंगों द्वारा एक युवक की हत्या की घटना से ये मुद्दा फिर गरमा गया है। किसान आंदोलन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। किसान नेताओं के विरोध के बावजूद निहंग हटने को तैयार नहीं हो रहे हैं।
