रेवाड़ी में एक बार फिर जलसंकट पैदा हो गया हैं। पूरे शहर में अगले 15 दिनों तक एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलेगा। नहर में पानी तो 12 अक्टूबर को ही बंद हो गया था, लेकिन स्टोर पानी की वजह से सप्लाई में दिक्कत नहीं आ रही थी। अब जितना पानी बचा है, उसके हिसाब से ही पानी की सप्लाई की जाएगी।
नहर में अब 5 नवंबर को पानी आएगा। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से पानी की राशनिंग की जाएगी। विभाग का तर्क है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि लोगों को त्योहार पर पीने की पानी की कोई समस्या न हो। पानी का संकट मोहल्लों में ही नहीं, बल्कि वीआईपी कॉलोनी में भी बना रहेगा। यहां भी एक दिन छोड़कर एक दिन ही पानी मिलेगा।
शहर में नहरी पानी पर पेयजल सप्लाई आधारित है। नहर के पानी को कालाका और लिसाना में बने वाटर टैंकों में स्टोर किया जाता है। वहां से बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई होती है। इस बार मानसून में लोगों को पानी की समस्या से राहत मिली। लेकिन अब मानसून विदा होने के बाद फिर से पानी का संकट गहरा गया है।
रेवाड़ी में गांव कालाका में 5 और लिसाना में 2 वाटर टैंक हैं। अतिरिक्त वाटर टैंक निर्माण के लिए कई बार योजनाएं प्रस्तावित की गईं, लेकिन अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। शहर में अगर अतिरिक्त वाटर टैंक का निर्माण होता है तो लोगों को पानी की समस्या से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
जन स्वास्थ्य विभाग के जेई अजय यादव के अनुसार, अब नहर में 5 नवंबर को पानी आने की संभावना है। इसलिए शहरवासी पानी का सदुपयोग करें। दीपावली से पहले 1 नवंबर से शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में पानी सप्लाई दी जाएगी, ताकि त्योहार पर पानी की कोई समस्या नहीं रहे।
