फतेहाबाद के मॉडल टाउन इलाके में स्थित बच्चों के एक निजी अस्पताल में शनिवार को एक 9 माह के बच्चे की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद भी डॉक्टर व कंपाउंडर ने उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। इस बीच बच्चे की मौत का पता चलने पर परिजनों भड़क गए। हालात खराब होते देख डॉक्टर व कंपाउंडर अस्पताल के पिछले गेट से बाहर निकल गए। परिजनों ने जब अस्पताल को ताला लगाने की चेतावनी दी, तो पुलिस मौके पर पहुंची।
दोनों पक्षों को बिठाकर पुलिस ने मामला जाना और समझौते का प्रयास किया तो परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। 2 घंटा हंगामा चलने के बाद पुलिस मृतक बच्चे के परिजनों को फतेहाबाद की बस स्टैंड पुलिस चौकी में ले गई और दूसरे पक्ष को भी बुलाकर जांच शुरू कर दी।

अग्रवाल कॉलोनी निवासी मनजीत के 13 वर्ष बाद बच्चा हुआ था। 9 माह का बच्चा 2 दिन से बुखार होने के चलते अस्पताल में भर्ती था। बच्चे के दादा और पिता ने आरोप लगाया कि शनिवार दोपहर को कंपाउंडर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इसके बाद बच्चे को तबीयत बिगड़ गई और जब कोई सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर व स्टाफ ने बच्चे को हिसार रेफर करने की बात बोलते हुए उसके इलाज से पीछे हट गए। परिजन जैसे ही वह बच्चे को लेकर जाने लगे तो एहसास हुआ कि वह बेसुध है। अपने स्तर पर जांच की तो बच्चे को मृत पाया। उनका कहना था कि पल्ला झाड़ने के लिए मृत बच्चे को रेफर किया जा रहा था।
