रविवार दोपहर बाद जींद के बराड़खेड़ा गांव में लगभग 300 एकड़ भूमि में फैले बारिश के पानी की निकासी की समस्या हल करने पहुंची प्रशासनिक टीम की व बुआना गांव के ग्रामीणों की झड़प हो गई। झड़प इतनी बढ़ गयी कि नौबत पत्थरबाजी और लाठीचार्ज तक आ गयी। जिसके चलते 2 अधिकारी घायल होगये हैं। मामला उस समय भड़का जब ड्रेनेज खोलने का विरोध कर रहे एक किसान ने पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाने की कोशिश की। ग्रामीण इससे भड़क गए और प्रशासनिक अधिकारियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने जींद-रोहतक मार्ग पर जाम लगा दिया, जो कि शाम तक जारी है।

गांव में मांग करते हुए ग्रामीण एक महीने के दौरान सभी प्रशासनिक अधिकारियों सहित जुलाना के विधायक अमरजीत ढांडा, जींद के विधायक डॉ कृष्ण मिड्डा से भी गुहार लगा चुके हैं। ग्रामीणों की मांग थी कि उस ड्रेन को खुलवाया जाए, जो पानी निकासी के लिए 1995 में बनाया गया था।

प्रशासनिक टीम में नहर विभाग के अधिकारी जितेंद्र सहित जुलाना के एसएचओ समरजीत पुलिस पार्टी के साथ थे। जब ड्रेनेज को खोलने का कार्य शुरू हुआ तो बुआना के अनेक ग्रामीण पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। बहसबाजी के बीच बुआना के किसान जयभगवान (50) ने समीप ही पेड़ पर चढ़कर अपने पायजामे से फांसी लगाने की कोशिश की। प्रशासनिक अमला व अन्य ग्रामीण हक्के-बक्के रह गए।

तत्काल एसएचओ समरजीत सिंह व अन्य पुलिस कर्मचारी पेड़ पर चढ़ गए और उसे किसी तरह नीचे उतारा गया। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने लाठी डंडों व पत्थरबाजी से प्रशासनिक अमले पर हमला बोल दिया। बदले में पुलिस ने भी हल्का लाठीचार्ज किया। इस घटना में नायब तहसीलदार दीपक, नहर विभाग के एसडीओ जितेंद्र घायल हो गए। इन दोनों को किसान जयभगवान के साथ जींद के नागरिक अस्पताल में लाया गया है। तीनों की हालात सामान्य बताईं जा रही है। सभी का उपचार चल रहा है।

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