आए दिन अखबारों में पुलिस के लोगों पर जुर्म करने की खबरों पढ़ने को मिलती है. लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता और ना ही हर पुलिसकर्मी ऐसा होता. जो मजलूमों पर अत्याचार करे. ऐसा ही एक मामला तमिलनाडु से सामने आया है जहां एक पुलिसकर्मी ने चोर की जान बचाने के लिए अपनी जान ही खतरे में डाल दी और कुएं में छलांग लगा दी. इस पुलिसकर्मी को अब कमिश्नर ने बहादुरी का इनाम दिया है.
मामला, तमिलनाडु के धर्मापुरी स्थित थोप्पुर गांव का है. जहां एक संदिग्ध चोर को बचाने के लिए पुलिसकर्मी ने 25 फीट गहरे कुंए में छलांग लगा दी.
दरअसल, पुलिस यहां तीन आरोपियों को पकड़ने के लिए आई थी. इन तीनों पर येलहांका में 3 अक्टूबर को चोरी करने का आरोप है. इतना ही नहीं उन्होंने प्राइवेट फर्म के सेल्स एग्जीक्यूटिव को कथित तौर पर मारा और उससे सोने की चेन, मोबाइल फोन और 3,000 रुपये नकदी छीनने का भी आरोप लगा है. सेल्स एग्जीक्यूटिव की शिकायत के आधार पर येलहंका पुलिस थाना निरीक्षक के.पी. सत्यनारायण और उनकी टीम ने सीसीटीवी फुटेज देखी और संदिग्धों की पहचान कर ली. उसके बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम लेकर गांव पहुंच गई. लेकिन आरोपी थोप्पुर गांव से भाग निकले.
खबरों के मुताबिक, रविवार रात सत्यनारायण, शिवकुमार और अन्य पुलिसवाले गांव पहुंचे. उन्होंने तीनों संदिग्ध चोरों को घेर लिया लेकिन मौका देखते ही तीनों आरोपी भाग निकले, लेकिन उनमें से एक कुएं में गिर गया और डूबने लगा. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘जंगली इलाका होने के कारण वहां बहुत अंधेरा था. आरोपी का पीछा कर रहे शिवकुमार को खतरे का आभास होते हुए उसने बिना समय बर्बाद किए एक जीप से रस्सी बांधी और खुद कुएं में उतर गया.’
उसके बाद अन्य कर्मचारियों की मदद से आरोपी और शिवकुमार को कुएं से बाहर निकाल लिया गया. बताया जा रहा है कि आरोपी को तैरना नहीं आता था और वह शराब के नशे में था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि, ‘उसके बाद उसे पूछताछ के लिए वापस थाने लाया गया, जबकि उसके साथियों का पता लगाने की कोशिश जारी है.’ पुलिस कमिश्नर कमल पंत ने शिवकुमार की बहादुरी के लिए प्रशंसा करते हुए ईनाम देना का ऐलान किया है.
