टिकरी बॉर्डर पर तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने मंगलवार को अरदास दिवस मनाया। इस मौके पर लखीमपुर खीरी में मारे गए 4 किसानों और एक पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए अरदास की गई। साथ ही जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए सेना के जेसीओ और जवानों को भी श्रद्धांजलि दी गई। किसानों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया। वहीं शाम के समय टिकरी बॉर्डर पर कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा।

अरदास सभा में प्रार्थना करते हुए।

इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के महासचिव जियालाल ने कहा कि भाजपा सरकार में न तो किसान महफूज हैं और न ही जवान। किसानों ने कहा कि लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों की याद में 16 अक्टूबर को एक कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा पूरे देशभर में निकाली जाएगी, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके। इतना ही नहीं किसान 18 अक्टूबर को देशभर में रेल रोको आंदोलन कर रहे हैं। जब तक केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर देती, तब तक यह आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा। लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन आरोपी के पिता को अब तक मंत्री पद से नहीं हटाया गया है। उन्होंने आरोपी के पिता मंत्री को पद से बर्खास्त करने की मांग सरकार से की है।

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