रोहतक में ट्रांसपोर्ट यूनियन प्रधान के ऑफिस में फायरिंग करने के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला मर्डर के आरोपी मोनू डागर का नाम आने के बाद मामला हाई प्रोफाइल होता जा रहा है। वहीं पुलिस मोनू डागर को फरीदकोट जेल से रिमांड पर लेकर आई है। रिमांड के दौरान मोनू डागर से पूछताछ की जा रही है। अभी तक पूछताछ के अनुसार इस वारदात में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का नाम भी सामने आया है। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ही हमलावरों को फायरिंग के लिए हथियार मुहैया करवाए थे। वहीं अब पुलिस हथियार मुहैया करवाने वालों की तलाश कर रही है।

अभी तक पुलिस जांच में सामने आया कि जिन हमलावरों से आईएमटी स्थित ट्रांसपोर्टर ऑफिस पर हमला करवाया उनके लिए यह बड़े अपराध की तरफ बढ़ने का एक कदम था। इस फायरिंग के बाद हमलावरों को पंजाब में इस्तेमाल करना था। वहां किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने में इन आरोपियों का इस्तेमाल होना था। इससे पहले आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए।

आईएमटी स्थित ट्रांसपोर्ट यूनियन कार्यालय पर एक फरवरी को गोलियां बरसाई गई थी। जिसमें मोटरसाइकिल पर सवार होकर चार युवक आए। उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने के कारण ऑफिस में मौजूद पाकस्मा निवासी सुरेश व बलियाणा निवासी रामनिवास घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने खरावड़ निवासी अंकित, सांघी निवासी सचिन उर्फ तेज व परविंद्र उर्फ काला को गिरफ्तार किया।

फायरिंग मामले में ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रधान ने शिकायत देते हुए बताया था कि उसको एक धमकी भरा फोन आया था। जिसमें सामने वाले ने खुद का नाम मोनू डागर बताया। फोन पर आरोपी ने ट्रांसपोर्ट में हिस्सा मांगा। जब हिस्सा देने से मना करने की बात की तो आरोपी ने अंजाम भुगतने की धमकी भी दी। वहीं इसकी कॉल रिकोर्डिंग भी सामने आई। जिसमें आरोपी धमकी देते हुए सुनाई दे रहा है।

सीआईए वन प्रभारी अनेश कुमार ने बताया कि गोलीकांड मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं मोनू डागर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए भी छापेमारी जारी है।

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