रोहतक 1 सितंबर! विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक भारत भूषण बत्रा ने रोहतक में पेयजल की समस्या को लेकर सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री के सामने शहर की स्थिति रखते हुए बत्रा ने कहा कि रोहतक में लोगों को गंदा पानी मिल रहा है और पानी की भारी किल्लत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है कि उसे स्वच्छ पेयजल मिले, लेकिन रोहतक की लगभग आबादी बाहर से पानी खरीदकर पीने को मजबूर है।
बत्रा ने कहा कि शहर में करीब 16 दिन ऐसे हालात रहते हैं, जब कहीं से पानी की आपूर्ति नहीं होती। उन्होंने सदन में कहा, “सारा शहर पानी के मामले में नर्क में जी रहा है।”
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विधायक ने कहा कि 7 दिन का पानी 16 दिन चलने से सारा सिस्टम बिगड़ जाता है। उन्होंने कहा कि गांव बोहर में 15.9 एकड़ और तिल्यार में 15.6 एकड़ की क्षमता का रिजर्व वायर बनाए जाने की जरूरत है !
विधायक ने कहा कि उनसे वायदा किया गया था कि दो में से एक बोहर के पास रिजर्ववायर कारपोरेशन को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के पास तिलियार पर्यटन केंद्र के रिज़र्ववायर के लिए भूमि देने का उनका प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि शहर की पानी की समस्या का निदान रिजर्व वायर बनाए बिना नहीं हो सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने कहा कि उन्हें इस मामले में गलत जानकारी दी गई है।
बत्रा ने कहा कि वह रोहतक से पानी की बोतल मंगवाकर देने के लिए तैयार हैं, ताकि शहर में पेयजल की वास्तविक स्थिति सामने रखी जा सके।
मॉडल टाउन की आगजनी: सामान और बिल्डिंग नुकसान का मुआवजा नहीं मिला
बत्रा ने मॉडल टाउन में दुकानों में हुई आगजनी का मामला भी विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आगजनी में दुकानदारों के सामान और बिल्डिंग को हुए नुकसान का अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी घटनास्थल का दौरा किया था। मुख्यमंत्री जी ने भी मौके का मुआयना किया था। लेकिन दुकानदारों को वास्तविक राहत का इंतजार है!
आउटर किला रोड की आगजनी भी सदन में उठाई
विधायक ने तीन दिन पहले आउटर किला रोड स्थित शिव शक्ति ट्रेडर्स में हुई आगजनी का मामला भी विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि शॉर्ट सर्किट और आग से होने वाले नुकसान के मामले बढ़ रहे हैं और सरकार को इसे लेकर कोई नीति बनानी चाहिए। बत्रा ने कहा कि आगजनी में नुकसान काफी ज्यादा हो जाता है! ऐसे मामलों में इंश्योरेंस कम का होता है इस लिए सरकार से उम्मीद जायदा रहती है!
न्यू राजेंद्र नगर की रजिस्ट्री और नक्शों पर रोक का सवाल
बत्रा ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से शहरी निकाय मंत्री से वर्ष 2008 में राजेंद्र कुमार, डेवलपर बिल्डर द्वारा संजय कॉलोनी के पास विकसित की गई न्यू राजेंद्र नगर कॉलोनी का मामला भी पूछा।
उन्होंने सवाल किया कि कॉलोनी में स्थित प्लॉट-मकानों की रजिस्ट्री, विक्रय अभिलेखों के निष्पादन और भवन योजना की स्वीकृति पर रोक क्यों लगाई गई है। साथ ही पूछा कि क्या बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई करने का प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है।
मंत्री विपुल गोयल: शर्तों का अनुपालन नहीं हुआ, एक महीने में कार्रवाई
शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने तारांकित प्रश्न के जवाब में बताया कि 15 मई 2008 को तत्कालीन नगर परिषद रोहतक की राजस्व संपदा, मौजा रोहतक की सीमाओं के अंतर्गत राजेंद्र प्रसाद पुत्र रघुवीर सिंह की 7.44 एकड़ भूमि पर नगर नियोजन योजना को स्वीकृति दी गई थी।
मंत्री ने कहा कि डेवलपर बिल्डर द्वारा 15 मई 2008 के आदेशों की कुछ शर्तों का अनुपालन नहीं किया गया, इसलिए परिपूर्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया।
उन्होंने स्वीकार किया कि उक्त क्षेत्र में पंजीकरण, बिक्री विलेखों के निष्पादन तथा भवन नक्शों की स्वीकृति पर रोक लगाई गई है। मंत्री के अनुसार नगर निगम रोहतक की रिपोर्ट 30 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई है और विधि अनुसार एक महीने के अंदर डेवलपर बिल्डर के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
बॉक्स | विधानसभा में रोहतक के तीन प्रमुख मुद्दे
पेयजल: दूषित पानी, भारी किल्लत और करीब 16 दिन आपूर्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया। दो रिजर्व वायर की जरूरत बताई।
आगजनी: मॉडल टाउन में दुकानों और भवनों को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने तथा आउटर किला रोड की शिव शक्ति ट्रेडर्स में आगजनी का मामला उठाया।


