पंचकूला। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की करीब 45 घंटे चली हड़ताल शुक्रवार शाम समाप्त हो गई। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत के बाद आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। सरकार ने निजी कंपनी के लाइसेंस पर पुनर्विचार कराने और उसे रद्द कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को बिजली प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी जिलों से बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट मांगी गई है।
HERC से लाइसेंस के फैसले की समीक्षा करने को कहा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) को पत्र लिखकर निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस के फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा विद्युत अधिनियम की धारा 94 के तहत रिव्यू पिटीशन दायर करने की बात भी कही गई है।
सरकार का कहना है कि वह कर्मचारियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले में कार्रवाई करेगी। हालांकि, निजी कंपनी का लाइसेंस अभी रद्द नहीं हुआ है। इस पर अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।
25 साल के लाइसेंस का विरोध कर रहे थे कर्मचारी
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने 19 अक्टूबर 2026 को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में 25 वर्षों के लिए बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस दिया था। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का विरोध करते हुए हड़ताल शुरू की थी।
कर्मचारियों का कहना था कि निजी कंपनी को बिजली वितरण की अनुमति मिलने से सरकारी बिजली निगमों के राजस्व और कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
15 जिलों में बिजली संकट से लोग परेशान
हड़ताल का असर प्रदेश के करीब 15 जिलों में देखने को मिला। हिसार, गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, कुरुक्षेत्र और सोनीपत समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई जगह लोगों ने बिजली संकट के विरोध में प्रदर्शन भी किया।
कुरुक्षेत्र और कैथल की बार एसोसिएशनों ने कामकाज स्थगित रखा। वहीं, पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट बंद होने की जानकारी भी सामने आई।
3 नवंबर को फिर होगी बैठक
ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन के नेता देवेंद्र हुड्डा के अनुसार, सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच अगली बैठक 3 नवंबर को होगी। इसमें लाइसेंस विवाद और कर्मचारियों की अन्य मांगों पर आगे चर्चा की जाएगी।
फिलहाल हड़ताल समाप्त हो चुकी है, लेकिन निजी कंपनी के लाइसेंस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने की स्थिति स्थानीय स्तर पर अलग-अलग हो सकती है।
