रेवाड़ी। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं कराने के मामले में धारूहेड़ा के दो तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (BDPO) पर कुल 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय कुमार सूरा ने तत्कालीन जन सूचना अधिकारियों वीरेंद्र और विशाल भारद्वाज पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि नियमानुसार राशि की वसूली की जाए। सेवानिवृत्त अधिकारी की स्थिति में जुर्माने की राशि पेंशन से वसूल की जाएगी।
2020 में लगाई थी RTI, आयोग तक पहुंचा मामला
यह मामला गांव डुंगरवास निवासी चंद्र प्रकाश की ओर से 11 फरवरी 2020 को दायर RTI आवेदन से जुड़ा है। निर्धारित समय में जानकारी नहीं मिलने पर आवेदक ने दूसरी अपील की। आयोग ने 8 अप्रैल 2021 को संबंधित जन सूचना अधिकारी को पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
आदेश का पालन नहीं होने पर आयोग ने 2 जनवरी 2024 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। आयोग के अनुसार, संबंधित अधिकारी की ओर से नोटिस का जवाब दाखिल नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान चंद्र प्रकाश ने ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखा। उन्होंने जानकारी मिलने की पुष्टि की, लेकिन उसे अधूरा बताते हुए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दोनों अधिकारियों के कार्यकाल में हुई देरी
आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक, वीरेंद्र 15 नवंबर 2019 से 16 अप्रैल 2020 तक और विशाल भारद्वाज 17 अप्रैल 2020 से 9 नवंबर 2020 तक पद पर रहे। आयोग ने पाया कि दोनों अधिकारी RTI अधिनियम के तहत निर्धारित 30 दिन की समयसीमा में जानकारी उपलब्ध कराने में विफल रहे।
आयोग के अनुसार, करीब छह साल बाद उसके हस्तक्षेप के पश्चात जानकारी उपलब्ध कराई गई। देरी के संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई ठोस और कानूनी रूप से मान्य कारण भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
सितंबर 2026 में रिकॉर्ड का किया निरीक्षण
सुनवाई के दौरान सरपंच विपिन कुमार और ग्राम सचिव दिनेश कुमार ने आयोग को बताया कि 21 अगस्त 2026 के अंतरिम आदेश के अनुपालन में आवेदक ने 2 सितंबर 2026 को संबंधित रिकॉर्ड का निरीक्षण किया और जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आयोग से मामले को बंद करने का अनुरोध किया।
हालांकि, जानकारी बाद में उपलब्ध कराए जाने के बावजूद आयोग ने निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने के मामले में जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
तीन महीने में जमा करानी होगी जुर्माने की राशि
आयोग ने RTI अधिनियम की धारा 20(1) का हवाला देते हुए कहा कि निर्धारित समय में सूचना नहीं देने और देरी का उचित कारण प्रस्तुत नहीं करने पर जन सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
आदेश के अनुसार, जुर्माने की राशि आदेश प्राप्त होने की तारीख से तीन महीने के भीतर निर्धारित सरकारी मद में जमा करानी होगी। आयोग के सचिवालय को आदेश की प्रति विकास एवं पंचायत विभाग, चंडीगढ़ के निदेशक को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संबंधित अधिकारियों से राशि की वसूली सुनिश्चित की जा सके।
आयोग ने विभाग को भविष्य में RTI आवेदनों का समयसीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित करने और इस मामले में हुई देरी के कारणों की जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर विभागीय सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करनी होगी। इसकी जानकारी प्राथमिकता के आधार पर तीन महीने के भीतर आयोग को देनी होगी।
