पुलिस अधीक्षक रोहतक श्री गौरव राजपुरोहित, आईपीएस ने जिले के नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए एक लेटेस्ट साइबर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही आपकी जीवनभर की कमाई को नुकसान पहुंचा सकती है।
एसपी गौरव राजपुरोहित ने कहा कि रोहतक पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। आमजन यदि समय रहते सावधानी बरतें तो अधिकांश साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
रोहतक पुलिस की साइबर एडवाइजरी
- डिजिटल अरेस्ट पूरी तरह फर्जी है
कोई भी पुलिस अधिकारी, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग या अन्य सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से आपको “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। यदि कोई स्वयं को अधिकारी बताकर डराए या पैसे मांगे तो तुरंत कॉल काट दें। - ओटीपी, बैंक पिन और सीवीवी किसी से साझा न करें
बैंक, आरबीआई या कोई सरकारी संस्था कभी भी फोन या मैसेज पर ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, नेट बैंकिंग पासवर्ड या यूपीआई पिन नहीं मांगती। - स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें
यदि कोई व्यक्ति AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport या अन्य स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाने का प्रयास करे तो सावधान रहें। ऐसे ऐप के जरिए ठग आपके मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच बना सकते हैं। - केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी
बैंक, सिम कार्ड, बिजली बिल, गैस कनेक्शन या फास्टैग बंद होने का डर दिखाकर भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से ही जानकारी लें। - निवेश और ट्रेडिंग ऐप से सावधान
कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो, आईपीओ या निवेश के नाम पर भेजे गए लिंक और व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप से दूरी बनाए रखें। - सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित रखें
अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अवश्य चालू करें। - ऑनलाइन खरीदारी करते समय सावधानी
केवल विश्वसनीय वेबसाइट या अधिकृत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें। एडवांस भुगतान करने से पहले विक्रेता की पूरी जांच कर लें। - क्यूआर कोड स्कैन करने से पहले सोचें
याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी QR कोड स्कैन नहीं करना पड़ता। QR कोड स्कैन करने पर आपके खाते से
