हरियाणा के जींद में 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में फेल होने पर एक छात्र ने जहरीला पदार्थ निगल कर सुसाइड कर लिया है। 10वीं पास करने की यह उसकी तीसरी कोशिश थी, जिसमें वह सफल नहीं हो पाया। इस कारण छात्र मानसिक रूप से परेशान था। उसने रिजल्ट घोषित होने के 3 घंटे बाद ही घर जाकर यह कदम उठाया।
मिली जानकारी के अनुसार छात्र की पहचान सचिन कुमार के रूप में हुई है। वह 19 साल का था और जुलाना क्षेत्र के करसोला गांव में रहता था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
जुलाना थाना प्रभारी रविंद्र कुमार के मुताबिक, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने शनिवार को 10वीं का रिजल्ट जारी किया। करसोला गांव के निवासी सचिन ने करीब 2 बजे अपना रिजल्ट देखा, जिसमें वह फेल था। वह गणित, इंग्लिश और साइंस विषयों में फेल हुआ था। इससे वह परेशान हो गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे जब सचिन अपने घर आया तो घर में कोई नहीं था। इसी मौके को देखते हुए उसने गेहूं की टंकी से सल्फास की गोलियां निकालकर खा लीं। थोड़ी देर बाद जब उसकी मां घर आई तो उसने सचिन को जमीन पर पड़े देखा।
पुलिस को सचिन की मां ने बताया कि सचिन जमीन पर पड़ा था और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। इसकी सूचना उसके पिता को दी गई। उस समय सचिन के पिता कृष्ण कुमार खेत पर गए थे। बेटे के जहर खाने की जानकारी मिलते ही वह घर आए। इसके बाद सचिन को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, सचिन की हालत ज्यादा खराब थी, इसलिए उसे रोहतक PGI रेफर कर दिया गया। वहां शनिवार रात को उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी थी। इसलिए, पुलिस भी मौके पर पहुंची। छानबीन और पूछताछ करने के बाद रविवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया और उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
सचिन की मां के मुताबिक सचिन ने 2 साल पहले गांव करसोला के सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए 10वीं की परीक्षा दी थी। इसमें वह फेल हो गया। इसके बाद उसने 11वीं में एडमिशन ले लिया और 10वीं का रि-एपियर का फॉर्म भर दिया। हालांकि, वह दूसरी बार भी 10वीं में फेल हो गया। इस बार उसने मुक्त शिक्षा (ओपन एजुकेशन) से 10वीं का फॉर्म भरा था। तीसरी कोशिश में भी वह पास नहीं हो पाया। मृतक की मां कहती हैं कि सचिन उनकी इकलौती आशा था। उसका एक बड़ा भाई भी है, लेकिन वह कोई काम नहीं करता।
