जम्मू से बड़ी खबर-पवित्र अमरनाथ यात्रा को शनिवार से अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है। लगातार बिगड़ते मौसम, अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की चेतावनी और श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी को देखते हुए प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है।
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आज सुबह भगवती नगर आधार शिविर से किसी भी नए जत्थे को कश्मीर घाटी की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। यानी जम्मू से अमरनाथ यात्रा आज के लिए पूरी तरह से स्थगित कर दी गई है।
प्रशासन इस पूरे हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का साफ कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे, जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली इकलौती ऑल वेदर सड़क है, उसकी स्थिति और मौसम के मिजाज को देखकर ही आगे के जत्थों को हरी झंडी दी जाएगी। मौसम विभाग और ट्रैफिक कंट्रोल रूम से लगातार अपडेट लिया जा रहा है।
इस साल की यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और अब तक का आंकड़ा बेहद उत्साहजनक रहा है। समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में अब तक 4.75 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। 57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी।
स्थानीय मौसम विभाग ने एक एडवाइजरी जारी की है जिसने चिंता बढ़ा दी है। एडवाइजरी के मुताबिक 11 अगस्त तक जम्मू संभाग के कई इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा भी मंडरा रहा है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि शनिवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश के बावजूद जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। लेकिन पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए एहतियात बरती जा रही है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की आधिकारिक जानकारी और प्रशासन के अगले आदेश का इंतजार करें। बिना जानकारी के यात्रा शुरू न करें और बेस कैंप पर ही सुरक्षित रहें।

