चंडीगढ़/नई दिल्ली: दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में यमुना जल हिस्सेदारी, किसाऊ बांध परियोजना और विभिन्न जल संसाधन योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई, जिसमें दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। चर्चा के दौरान यमुना जल पाइपलाइन परियोजना को लेकर समयसीमा तय करने पर सहमति बनी। साथ ही RRPS से जुड़े मामलों पर भी दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक सहमति बनी।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि, “पानी की कमी न राजस्थान में हो, न दिल्ली में और न ही हरियाणा में होनी चाहिए।” उन्होंने बताया कि यमुना जल पाइपलाइन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय की गई है।सीएम सैनी ने आगे कहा कि किसाऊ बांध परियोजना को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई और इसे तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि सभी पक्षों ने पीने के पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही केंद्रीय जल शक्ति सचिव की अध्यक्षता में अगली बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा ताकि सभी जल संबंधी मुद्दों का समाधान निकाला जा सके।बैठक में गुरुग्राम के नजफगढ़ क्षेत्र में जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा RRTS परियोजना को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।आने वाले दिनों में लगातार बैठकों के माध्यम से विभिन्न जल परियोजनाओं को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
