रोहतक में नगर निगम सफाई कर्मचारियों के बाद अब ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने भी दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान कर दिया है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी 15 व 16 मई को प्रदेशभर में हड़ताल पर रहेंगे। साथ ही सफाई कर्मचारियों के शोषण व उपेक्षा के खिलाफ हड़ताल के दौरान आवाज उठाई जाएगी।

ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के राज्य प्रधान बसाऊराम ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार बात अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के उत्थान की करती है, लेकिन सेवा बड़े पूंजीपति और ठेकेदारों की कर रही है। लेबर कोड्स लागू करना इसी कड़ी का हिस्सा हैं। शहरी और ग्रामीण सफाई कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

बसाऊराम के मुताबिक पॉलिसी बनाकर पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय का आदेश लागू करने, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करने, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26000 और 27000 रुपए वेतन लागू करने, एक्सग्रेसिया नीति बनाने व कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 लाख मुआवजा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही। मार्च 2024 के बजट सत्र में निवर्तमान मुख्यमंत्री ने 1000 की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी की भर्ती करने की घोषणा की थी, जिसको आज तक लागू नहीं किया। 9700 पद ग्रामीण सफाई कर्मियों के खाली पड़े हैं। 24 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने 26000 हजार वेतन की घोषणा की, उसके बाद 11 जून 2025 को 2100 रुपए बढ़ोतरी की घोषणा की, जो आज तक लागू नहीं की। बसाऊराम ने बताया कि भाजपा सरकार ने पिछले 12 साल में एक भी सफाई कर्मचारी और सिवरमैन की स्थाई भर्ती नहीं की। एक भी कच्चे सफाई कर्मचारी को पक्का नहीं किया और अब नगरपालिका का कर्मचारी जब हड़ताल पर चला गया तो सरकार इस आंदोलन को पुलिस दमन के सहारे और लम्बा खींचकर तोड़ना चाहती है। कर्मचारी इसे सहन नहीं करेंगे और दो दिन की हड़ताल कर रोष जताएंगे।

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