रोहतक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बिल 2023 में पारित हो चुका था और 2024 में लागू हो जाना चाहिए था, लेकिन सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं होने के कारण इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति में सत्ताधारी दल की पकड़ कमजोर हुई है।
कृषि मुद्दों पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार मंडियों में फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है और लिफ्टिंग की प्रक्रिया भी धीमी है। उन्होंने दावा किया कि अब तक करीब 20 प्रतिशत गेहूं का उठान भी नहीं हो पाया है।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ समय पर नहीं मिल रहा। 72 घंटे के भीतर भुगतान का दावा करने के बावजूद किसानों को 10 दिनों तक भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
रोहतक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की छोटी मंडियों की स्थिति खराब है और किसानों को कई प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले किसानों को “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है, जिसके बाद पटवारी द्वारा सत्यापन किया जाता है। इसके बाद आधार कार्ड से गेट पास, बायोमेट्रिक प्रक्रिया, आंखों की फोटो और गारंटर जैसी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। साथ ही ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करने जैसी शर्तें भी लागू की गई हैं।
हुड्डा ने कहा कि ऐसे नियमों से उन किसानों को अधिक परेशानी हो रही है, जो बैलगाड़ी या अन्य पारंपरिक साधनों से मंडियों में फसल लेकर आते हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी किसान इसी तरह फसल लेकर आते थे और कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में किसानों को अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है, जबकि फसल नुकसान के मुआवजे जैसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बेतुका बयान दिया कि बारिश से किसानों को बहुत फायदा हो रहा है। जिस समय किसानों को नुकसान हुआ, उस समय ऐसा बयान दिया। अगर बारिश से फायदा होगा तो फिर ओलावृष्टि से तो बहुत फायदा होगा।
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि 2014 में अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने 12 साल तक कर्मचारियों को उलझाए रखा। सुप्रीम कोर्ट ने कल फैसला कर दिया, जिसके कारण कर्मचारियों को अब पूरा लाभ मिलेगा। चुनाव में भाजपा कहती है कि HKRN में 1 लाख 20 हजार नौकरी दी, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया।
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दुष्यंत चौटाला के साथ क्या हुआ, उन्हें जानकारी नहीं है। अगर कोई गलती है तो सरकार को मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। जेजेपी की राजनीतिक भूमि खिसकी हुई है, अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने में लगे हुए है। जेजेपी तो भाजपा की बी टीम है, जो भाजपा कहती है, वो वही करते हैं।
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जिन विधायकों ने क्रास वोट किया, उन्होंने पार्टी के साथ उन लोगों के साथ भी विश्वासघात किया, जिन्होंने चुनकर उन्हें विधानसभा भेजा है। पार्टी तो अनुशासन से ही चलती है। 5 विधायकों पर कार्रवाई हुई है। इससे पार्टी में अनुशासन भी बना रहेगा।

