दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि उन्होंने डीजीपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित मामले में CIA इंचार्ज के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे कानूनी विकल्प अपनाते हुए Punjab and Haryana High Court का रुख करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई में देरी हो रही है, जिसे लेकर उन्होंने नाराजगी भी जताई।
वहीं Guru Jambheshwar University of Science and Technology (GJU) से जुड़े मामले में जजपा नेताओं को अदालत से जमानत मिल गई है, जिससे पार्टी को फिलहाल राहत मिली है।

- हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर से मिलने गए थे, लेकिन वीसी ने अंदर से गेट बंद कर दिया और पीछे के गेट से निकल गए। छात्रों ने गेट खोलने की कोशिश की, जिससे वहां दो गमले टूट गए, जिस पर दिग्विजय चौटाला सहित 8 लोगों पर केस दर्ज हो गया।
- पुलिस ने उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं दी, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट से कॉपी ली। उनके नेताओं के घर रेड की गई और महिला नेत्रियों के कमरों में जाकर उनकी अलमारी की चेकिंग की गई। उनके वकील कार्यकर्ता तरुण गोयल को बिना बार की मंजूरी के गिरफ्तार किया गया।
- वे सिटी थाना हिसार में गए, जहां उनकी बात नहीं सुनी गई। जब उच्च अधिकारियों से मिलने जा रहे थे, तो सब्जी मंडी पुल पर उनके पीछे एक फर्जी नंबर की बाेलेरो गाड़ी आई, जिसे डेढ़ साल पहले खरीदा गया था। काफिले के आगे गाड़ी अड़ा दी। उसमें से इंस्पेक्टर पवन उतरा, उसके हाथ में हथियार था। उस गाड़ी में पांच लोग थे, जिनमें एसपी सिक्योरिटी इंचार्ज अमरजीत भी था। गाड़ी में पुलिसकर्मी अनिल भी मौजूद था, जिसके हाथों में एके-47 थी।
- पुलिस ने अपनी गलती छिपाने के लिए उन पुलिसकर्मियों को ऑफ ड्यूटी दिखाया। मिल गेट सीआईए इंचार्ज पवन कुमार दो किमी दूर सब्जी मंडी पुल पर हमारी गाड़ी के आगे क्यों आया। उसके पास सरकारी गाड़ी कैसे थी। सभी के हाथ में हथियार थे। पुलिसकर्मियों ने सब्जी मंडी पुल पर सीसीटीवी डिलिट करवाए। वह चाहते हैं उनकी गलती पकड़ में न आए। हम कोर्ट में जाकर सभी फुटेज को सुरक्षित रखवाएंगे।
- एसपी के कहने पर उन्होंने अर्बन एस्टेट थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन 24 घंटे बीत जाने पर भी उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। DGP ने मेरा फोन तक नहीं उठाया। एसपी का ट्रांसफर हो। किसी एडीजीपी रैंक के ऑफिसर व होम सेक्रेटरी की अध्यक्षता में जांच हो। मामले में एफआईआर हो। न्याय नहीं मिला तो पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठकर बुलाकर सोमवार को हाईकोर्ट में जाएंगे।


