असम में बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतर रहा है, लेकिन तबाही की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। हजारों घर, खेत और मवेशी बाढ़ की भेंट चढ़ गए हैं। लाखों लोग राहत और पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए 15 हजार रुपये की तत्काल सहायता, सर्वे और मुआवजे की घोषणा की है। इस साल बाढ़ से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अब भी प्रभावित हैं।

असम में पिछले 24 घंटे में बाढ़ की घटनाओं की चपेट में आने से 7 और लोगों की मौत हो गई है। असम में अब भी 3.32 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बताया कि असम में मानसून के दौरान बाढ़ की घटनाओं में अबतक 75 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने बताया कि असम सरकार ने मृतकों के परिवार वालों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दिया है। साथ ही, मुआवजा पाने के नियमों में भी ढील दी है।

असम के अधिकारियों ने बताया कि शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, चराइदेव, नगांव, सोनितपुर और कामरूप मेट्रोपॉलिटन सहित 7 जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। इससे 21 राजस्व परिक्षेत्र और 622 गांव प्रभावित हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 3.32 लाख हो गई है।

अधिकारियों के अनुसार, असम के प्रभावित जिलों में 81 राहत कैंप चल रहे हैं, जहां 32 हजार 477 विस्थापित लोग पहुंचे हुए हैं। इसके अलावा, 34 रिलीफ मैटेरियल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर भी काम कर रहे हैं। थल सेना, इंडियन एयरफोर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर डिपार्टमेंट एवं आपातकालीन सेवाओं और वॉलंटियर्स समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार जुटी हुई हैं।

असम के बाढ़ प्रभावित जिलों में 45 हजार 341 हेक्टेयर जमीन पर लगी फसल जलमग्न हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित शिवसागर जिले में मोबाइल फोन संपर्क बनाए रखने के लिए ‘इंट्रा-सर्किल रोमिंग’ की सुविधा को 30 जुलाई की रात 11 बजकर 59 मिनट तक या अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!