रोहतक की अनाज मंडी के आढ़ती खाद्य वस्तुओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने के विरोध में हड़ताल पर हैं। आढ़तियों ने कहा कि खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी लगाने से छोटे व्यापारी व किसानों को सबसे अधिक नुकसान होगा। इसलिए सरकार को अपना फैसला जल्द से जल्द वापस लेना चाहिए।

अपनी मांग मनवाने के लिए आढ़तियों ने एक दिवसीय हड़ताल करने का फैसला लिया है। रोहतक अनाज मंडी की बात करें तो यहां 100 से अधिक आढ़ती हैं, जो अनाज का लेनदेन करते हैं। लेकिन शनिवार को हड़ताल पर होने के चलते सभी ने लेन-देन बंद कर दिया है। साथ ही मंडी की बात करें तो यहां सीजन के दौरान धान के 20 लाख से अधिक बैग व गेहूं के 14-15 लाख से अधिक बैग पहुंचते हैं। जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि यहां करोड़ों का व्यापार होता है। जिसका सीधा संबंध किसानों से है। वहीं पांच प्रतिशत जीएसटी लगने से इसका नुकसान भी होगा।

अनाज मंडी के पूर्व प्रधान डिंपल ने कहा कि सरकार ने खाद्य वस्तुओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया है। जिससे छोटे व्यापारी व किसानों को सबसे अधिक नुकसान होगा। क्योंकि बड़े व्यापारी तो जीएसटी भुगतान करने की बजाय छोटे व्यापारियों व किसानों पर बोझ डालेंगे। किसानों को फसलों का अच्छा भाव भी नहीं मिल पाएगा। इसलिए आढ़तियों ने हड़ताल करने का निर्णय लिया है। सरकार अपने निर्णय को जल्द से जल्द वापस ले।

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