रोहतक में पब्लिक हेल्थ विभाग के सस्पेंड किए जेई को कर्मचारियों के अल्टीमेटम के बाद शुक्रवार को बहाल कर दिया गया। धरने पर बैठे डिप्लोमा इंजीनियर ने शाम 5 बजे तक जेई को बहाल न करने पर सीवरेज और पानी की व्यवस्था ठप करने की धमकी दी थी। इस धमकी के बाद विभाग के आलाधिकारी हरकत में आए और जेई को बहाल कर दिया। हालांकि अभी कर्मचारियों ने धरना खत्म नहीं किया है। इसको लेकर कल सुबह बैठक में फैसला लिया जाएगा।

डिप्लोमा इंजीनियर के प्रदेश अध्यक्ष राजेश रुहिल ने कहा कि पब्लिक हेल्थ के आला अधिकारियों ने बिना कुछ समझे ही जेई को निलंबित कर दिया था, जबकि जेई की कोई गलती नहीं थी। जेई की बहाली की मांग को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर पिछले 8 दिनों से धरने पर बैठे हैं। अधिकारियों को भी कई बार इससे अवगत करवाया गया, लेकिन अधिकारियों ने मांग को पूरा नहीं किया। इसी बीच शुक्रवार को सभी ने मिलकर निर्णय लिया था कि जेई को बहाल नहीं किया गया तो वह शाम 5 बजे के बाद सीवर व पानी सप्लाई ठप कर देंगे।

11 सदस्य कमेटी ने किया था मंथन

सीवर व पानी ठप करने के निर्णय को लेकर 11 सदस्यों की टीम बनाई गई थी। इसमें विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर शामिल किए गए थे। जिन्होंने अपने स्तर पर बैठक की और इस निर्णय पर सहमति बनाई। जेई का निलंबन वापस होने से लोगों के लिए भी राहत की खबर है।

अधिकारिगण चेतावनी के बाद आये हरकत मे

राजेश रुहिल ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर की चेतावनी के बाद आला अधिकारी भी हरकत में आए। जिसके बाद जेई का निलंबन वापस लिया है। उन्होंने कहा कि आला अधिकारी अगर समय से उनकी मांग को मान लेते तो धरना देने तक की नौबत नहीं आती। इसलिए जो इस मामले में दोषी है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

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