सोनीपत जिले के राई औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कूलर बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री से उठता घना धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा।
आग की सूचना मिलते ही आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया। लोग तुरंत अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। वहीं, प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
फायर ब्रिगेड इंचार्ज राजेश के अनुसार सुबह करीब 9:00 बजे कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हो गई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि राई औद्योगिक क्षेत्र में गांव झुण्डपुर के नजदीक स्थित शीतल एयर कूलर फैक्ट्री नंबर 999 में आग लगी हुई है।
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने देखा कि फैक्ट्री के अंदर आग तेजी से फैल चुकी थी। कूलर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, तार और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें और धुआं इतनी अधिक मात्रा में था कि आस-पास का पूरा इलाका प्रभावित हो गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुंडली, राई, गन्नौर, गोहाना और सोनीपत समेत आसपास के विभिन्न फायर स्टेशनों से एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मी लगातार कई घंटों से आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
फैक्ट्री में लगी भीषण आग के चलते आसपास के उद्योगों और रिहायशी क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया। लोगों ने एहतियात के तौर पर अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और सुरक्षित दूरी बना ली। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है
दमकल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी मुस्तैदी के साथ आग बुझाने में लगे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग पर जल्द काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, स्थिति को नियंत्रण में लाने के बाद ही नुकसान और अन्य पहलुओं की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
