हरियाणा के Panipat जिले के गांव पसीना खुर्द में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक पुराने मकान की छत अचानक गिरने से मलबे के नीचे दबकर 4 वर्षीय मासूम आयुष की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय तीनों घर के अंदर सो रहे थे।
जानकारी के अनुसार, घटना 7 मई की शाम करीब 4 बजे की है। मृतक के ताऊ बालिंद्र कुमार ने बताया कि उनका छोटा भाई रविंद्र दिहाड़ी मजदूरी करता है। गुरुवार दोपहर रविंद्र अपने दोनों बच्चों को स्कूल से लेकर घर आया था। खाना खाने के बाद वह दोबारा मजदूरी पर चला गया, जबकि उसकी पत्नी सोनिया (30), बेटा साहिल (7) और छोटा बेटा आयुष (4) कमरे में सो रहे थे।
परिजनों के अनुसार, रोजाना कमरे की कुंडी नहीं लगाई जाती थी, लेकिन हादसे वाले दिन दरवाजा अंदर से बंद था। इसी दौरान मकान की पुरानी कड़ियों वाली छत का गाटर बीच से टूट गया और पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई।
छत गिरने की जोरदार आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण लोगों ने उसे तोड़कर घर में प्रवेश किया और मलबे में दबे मां और दोनों बच्चों को बाहर निकाला।
इसके बाद तीनों को तुरंत सिवाह बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। बालिंद्र ने बताया कि अस्पताल पहुंचने तक आयुष की सांसें चल रही थीं, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे में साहिल और उसकी मां सोनिया घायल हो गए। सोनिया का हाथ टूट गया है, जबकि उसके चेहरे और कान पर भी गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
परिजनों ने बताया कि मासूम आयुष का करीब दो महीने पहले ही एक प्ले-वे स्कूल में दाखिला करवाया गया था। वह अभी ठीक से स्कूल जाना सीख ही रहा था कि यह हादसा हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और मजदूर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
