भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एक दशक तक कप्तानी करने के बाद हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया. उन्होंने ये बड़ा फैसला एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के कुछ हफ्तों के बाद लिया. अब वो एक महान बल्लेबाज के रूप में अपने क्रिकेट करियर को जारी रखना चाहती

कौर ने 2016 में टी20, 2022 में वनडे और 2023 में तीनों फॉर्मेट की कप्तानी बनीं. उन्होंने ये बड़ी जिम्मेदारी महान खिलाड़ी मिताली राज के बाद संभाली थी. हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में BCCI की समीक्षा बैठक के बाद आया. बैठक में पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसके भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई. BCCI सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे. 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट करके दी.
हरमनप्रीत कौर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘आज, मैं सभी फॉर्मैट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ रही हूं. यह कोई आसान फैसला नहीं है. इसमें सालों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल हैं जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे. मैंने इस टीम और इंडियन विमेंस क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है, अपना खून, अपना पसीना, अपना समय, और कई बार, अपने खेल और पर्सनल एम्बिशन का एक हिस्सा. ऐसे पल भी आए जब मुझे अपनी पर्सनल परफॉर्मेंस, अपनी ग्रोथ, और अपने लिए जो मैं चाहती थी, उसे एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम को पहले आना चाहिए.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘एक कैप्टन के तौर पर, मुझे मुश्किल फैसले लेने पड़े. ऐसे फैसले जो हमेशा समझ में नहीं आते थे, हमेशा आसान नहीं होते थे, और कभी-कभी पर्सनल कीमत चुकानी पड़ती थी. लेकिन मैंने जो भी फैसला लिया, उसका एक ही मकसद था, इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरे प्लेयर्स को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और खुद का बेस्ट वर्जन बनने का मौका देना. मैंने सब कुछ देखा है. मैंने सबसे बुरे पल, दिल टूटना, क्रिटिसिज्म, शक और वे दिन देखे हैं जब कुछ भी हमारे हिसाब से नहीं हो रहा था.’
हरमन ने लिखा, ‘मैं आज भावनाओं से भरे दिल के साथ, लेकिन शांति के साथ भी कप्तानी छोड़ रही हूं. क्योंकि मुझे सच में विश्वास है कि मेरी टीम एक अच्छी जगह पर है. एक ऐसी टीम जिसमें टैलेंट, कैरेक्टर, विश्वास और एक भविष्य है जिसे देखने और उसका हिस्सा बनने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं. मुझे लगता है कि मैंने अपना कर्तव्य निभाया है. मैंने इस टीम को वह सब कुछ दिया जो मेरे पास था. मैंने गर्व के साथ जिम्मेदारी निभाई, और मैं भारतीय महिला क्रिकेट को लीड करने के सौभाग्य के लिए हमेशा आभारी रहूंगी. अब, मेरे लिए पन्ना पलटने का समय आ गया है.’
उन्होंने ये भी लिखा, ‘ कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन इंडियन क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा. हर टीममेट, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार के सदस्यों, हर एक फैन का शुक्रिया जो मेरे साथ अच्छे और बुरे समय में खड़े रहे. अब, मैं फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने के लिए तैयार हूं. कैप्टेंसी खत्म, सफर जारी है.’
कैप्टन के तौर पर हरमन की दूसरी बड़ी कामयाबियों में 1999 के बाद से इंग्लिश धरती पर भारत को पहली बाइलेटरल विमेंस ODI सीरीज जीत दिलाना शामिल है, जब टीम ने 2022 में एक हिस्टोरिक जीत हासिल की थी. उन्होंने टीम को 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक हिस्टोरिक टेस्ट मैच और 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ एक ब्रेकथ्रू T20I सीरीज जीत भी दिलाई.
हरमन ने 150 से ज्यादा T20I मैचों में कप्तानी की. जिसके साथ वो सबसे ज्यादा टी20 मैचों में कप्तानी करने वाली पहली क्रिकेटर बन गईं. उनकी लीडरशिप में टीम ने इस साल की शुरुआत में लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रन से हराया था. उनके नाम महिला T20 इंटरनेशनल इतिहास में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा 92 जीत का रिकॉर्ड भी है.
महिला क्रिकेट टीम में अभी उपकप्तान स्मृति मंधाना हैं. हरमन के बाद वहीं इस टीम की सबसे सीनियर खिलाड़ी भी है. इसलिए अब ये बड़ी जिम्मेदारी स्मृति मंधाना के कंधों पर आएगी और उनमें टीम को लीड करने की पूर क्षमता भी है

