महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के आश्वासनों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज़ छात्राओं ने विश्वविद्यालय का गेट नंबर 2 बंद कर दिया, जिसके कारण कई घंटों तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
प्रशासन ने रीडिंग हॉल को 24×7 खोलने तथा गर्ल्स हॉस्टल परिसर में इंटर-हॉस्टल आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों को पूरी तरह समाप्त करने की माँगों को लागू करने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था। लेकिन छात्राओं का आरोप है कि प्रशासन इन माँगों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय आंदोलन को समाप्त करवाने की कोशिश कर रहा है।
आक्रोशित छात्राओं ने कहा कि जब प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल हो रहा है, तो उन्हें अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
पिंजरा तोड़ आंदोलन की माँग है कि प्रशासन सुरक्षा के नाम पर पाबंदियाँ लगाने के बजाय ठोस सुरक्षा व्यवस्था करे और अपने आश्वासनों को तत्काल लागू करे। छात्राओं का स्पष्ट संदेश है—केवल आश्वासन नहीं, अब कार्रवाई


