पानीपत में विजय नगर निवासी अशोक कुमार ने तहसील कैंप थाना पुलिस को बताया कि उसका भतीजा अरुण (25) 2 बहनों का इकलौता भाई था। अरुण के पिता अनिल ई-रिक्शा चलाते हैं। अरुण डेंटिंग-पेंटिंग का काम करता था।
उन्होंने अरुण की शादी अप्रैल में जींद निवासी लक्ष्मी से करवाई थी। शादी के बाद से ही दोनों में अक्सर झगड़ा होता रहता था। 20 अक्टूबर को झगड़ा होने के बाद लक्ष्मी अपने मायके चली गई थी। इससे अरुण काफी परेशान था।

रविवार सुबह अनिल अपना ई-रिक्शा लेकर काम पर चला गया। घर पर कोई नहीं था। उसकी बेटी रितिका ने भाई दूज पर तिलक लगाने के लिए अरुण को आवाज लगाई, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद रितिका ने गेट खटखटाया।
घर का मेन गेट अंदर से बंद था। फिर वह पड़ोस के घर से होते हुए अरुण के कमरे में गई, जहां उसका शव पंखे पर दुपट्टे से लटका मिला।
