हरियाणा में लोकसभा आम चुनाव (2024) के लिए मतगणना 4 जून यानी कल सुबह 8 बजे शुरू होगी। काउंटिंग के लिए सभी 10 लोकसभा सीटों के लिए विधानसभा वाइज 90 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। करनाल विधानसभा उपचुनाव के लिए अलग से काउंटिंग सेंटर बनाया गया है।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने काउंटिंग की मॉनिटरिंग के लिए सभी काउंटिंग सेंटरों पर ऑब्जर्वर की नियुक्ति की है। इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम (ETPBS) व पोस्टल बैलट की काउंटिंग के लिए एक रिटर्निंग ऑफिसर (RO) लगाया गया है। इनकी गिनती के लिए हर 10 स्कैनर पर एक असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, हर काउंटिंग टेबल पर अलग से ARO तैनात किया गया है। इस बार पुलिस वेरिफिकेशन कराने वाले पार्टियों के एजेंटों को ही काउंटिंग हॉल में एंट्री दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनुराग अग्रवाल के मुताबिक काउंटिंग की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
काउंटिंग का लाइव रिजल्ट दिखेगा
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी काउंटिंग सेंटरों पर हाई क्वालिटी वाली 100 मेगा बाइट पर सेकेंड (MBPS) की कम से कम 2 लीज लाइन इंटरनेट व्यवस्था होनी चाहिए। प्रदेश में 10 लोकसभा क्षेत्रों तथा करनाल विधानसभा (21) उपचुनाव के लिए 44 स्थानों पर मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।
इन केंद्रों में ETPBS व पोस्टल बैलट स्कैनिंग के लिए 237 स्कैनिंग टेबल लगाई जाएंगी। एक टेबल पर 500 पोस्टल बैलट की गणना की जाएगी। मतगणना के लिए एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी, एक काउंटिंग सुपरवाइजर, 2 काउंटिंग सहायक तथा एक माइक्रो ऑब्जर्वर डयूटी पर रहेंगे।
हरियाणा में 1 लाख 11 हजार 58 सर्विस वोटर
हरियाणा में सर्विस मतदाताओं की कुल संख्या 1 लाख 11 हजार 58 है। सर्विस वोटर मतगणना ड्यूटी पर तैनात मतदाता व अन्य कर्मचारी तथा गैरहाजिर मतदाता की गणना की जाती है। इसलिए अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। CEO अनुराग अग्रवाल की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि पोस्टल बैलट एक अति महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
EVM-पोस्टल बैलट की फोटो लेने पर रोक
हरियाणा में मतगणना केंद्र का पूरा कंट्रोल ARO के पास रहेगा। उसकी अनुमति के बिना कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा। EVM व पोस्टल बैलट की गणना की कोई भी व्यक्ति फोटो नहीं खींच सकता। स्ट्रॉन्ग रूम से जब EVM मतगणना हॉल में ले जाई जाती है तो उसकी वीडियोग्राफी करवाई जाए और स्ट्रॉन्ग रूम से हॉल तक पूरी तरह बैरिकेडिंग होगी। उम्मीदवार को भी इस बात की जानकारी होनी चाहिए और उसका चुनाव एजेंट या वे स्वयं इस प्रक्रिया को देख सकते हैं।
