रोहतक में ई-टेंडरिंग का विरोध कर रहे सरपंचों और पुलिस में झड़प हो गई। सरपंच BDPO ऑफिस पर ताला लगाने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस उन्हें रोक रही थी। करीब 10 मिनट तक वहां हंगामा चलता रहा। इस दौरान धक्का मुक्की में एक पुलिसकर्मी भी नीचे गिर गया। हालांकि उसे चोट नहीं लगी है।
वहीं झड़प के दौरान ब्लॉक प्रधान प्रधान अजय घायल हो गए। उन्हें अस्पताल लेकर जाया गया है। सरपंचों ने कहा कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर तालाबंदी कर रहे हैं। सरकार उनकी मांगों की और ध्यान नहीं दे रही है।
नवीन जयहिंद समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचेंगे। सरपंच भी अब बड़े ऐलान की तैयारी में हैं। इसलिए सभी मिलकर रणनीति बना रहे हैं। ताकि अपनी ई-टेंडरिंग की मांग को पूरा करवाया जा सके।
मंगलवार को BDPO कार्यालय पर धरना प्रदर्शन व तालाबंदी के दौरान सरपंचों व पुलिस में झड़प हो गई थी। जिसके बाद सरपंचों में विरोध के सुर तेज होने लगे हैं। साथ ही इस विरोध प्रदर्शन को बड़े स्तर पर करने की तैयारी चल रही है। जिससे कि सरकार को झुकाया जा सके और मांगों को पूरा करवाया जा सके।
सरपंचों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती। तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ब्लॉक पर तालाबंदी करेंगे और ना ही वे अपने काम करेंगे। यहां तक कि अन्य को काम नहीं करने देंगे। 29 जनवरी को गोहाना में अमित शाह की रैली का भी विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरपंचों को गांव के विकास के लिए पूर्ण अधिकार दिए जाए। यह सरकार ठेकेप्रथा को बढ़ावा दे रही है। हरियाणा में पहले ही पंचायत चुनाव 2 साल की देरी से हुए हैं और अभी तक किसी भी गांव में विकास कार्य सुचारू रूप से शुरू नहीं हुए हैं। ठेकेदारों ने घटिया किस्म का मेटीरियल इस्तेमाल किया है। सरकार ठेकेदारों से कमीशन ले रही है, इसलिए अधिकारियों और ठेकेदारों को फायदा दे रही रही।
उन्होंने कहा कि सरपंच सरकार की ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल स्कीम को लेकर सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। विरोध कर रहे सरपंचो का कहा कि ई-टेंडरिंग से गांव के विकास कार्यों में परेशानी होगी। इससे गांव के विकास कार्य समय पर नहीं हो सकेंगे। ई-टेंडरिंग व्यवस्था से गांव के विकास कार्यों में तेजी नहीं आ पाएगी, ठेकेदार अच्छे से काम नहीं करा पाएंगे।
