हरियाणा की कैथल, कुरुक्षेत्र और करनाल मंडियों में 44 हजार 800 टन गेहूं खराब होने के मामले में डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने सख्ती दिखाई है। डिप्टी सीएम ने कहा है कि सरकार अब इस खराब हुई गेहूं का ऑक्शन कराएगी। इससे लगभग 45 करोड़ रुपए आने का अनुमान है। बची राशि की दोषी अधिकारियों से रिकवरी की जाएगी।

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि इस मामले पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। इसमें जिला स्तर पर प्रशासनिक सचिव स्तर की कमेटी का गठन किया गया है। इसमें सीनियर IAS और अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। 30 दिन में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के ACS रिपोर्ट देंगे।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस मामले में जो भी अधिकारी दोषी होंगे उनके खिलाफ FIR कराएंगे। हर जिले के नोडल अधिकारी को एसीएस की जांच में सहयोग करना होगा। कैथल जिले के DC की रिपोर्ट को सरकार ने खारिज कर दी है। भविष्य में गेहूं खराब होने की घटना न हो, इसके लिए विभाग फुल प्रूफ बना रहा है।

हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कहना है कि पिछले कुछ सालों में सिर्फ 5549 MT गेहूं ही खराब हुई है। हालांकि अब खरीद एजेंसियां खराब गेहूं को इस बार भी निजी कंपनियों को बेचने की तैयारी कर रही हैं। खराब गेहूं को कंपनियां बीयर और पशुओं की फीड बनाने में इस्तेमाल करेंगी।

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