22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को एक साल पूरा हो गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें करनाल के सेक्टर-6 निवासी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे। शादी के कुछ ही दिन बाद पत्नी के साथ घूमने गए विनय को आतंकियों ने गोली मार दी थी। एक साल बाद भी परिवार उस दर्द से उबर नहीं पाया है, हालांकि देशभर से मिले समर्थन ने उन्हें संभलने का साहस दिया है।
पहली बरसी पर करनाल के सेक्टर-8 स्थित संत कबीर स्कूल में शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की याद में प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसी स्कूल में विनय और उनकी बहन ने बचपन में पढ़ाई की थी। कार्यक्रम में विनय के पिता राजेश नरवाल, पत्नी सृष्टि नरवाल और दादा हवा सिंह मौजूद रहे। सभी ने स्कूल परिसर में विनय के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बहन सृष्टि नरवाल ने बताया कि सुबह से ही उस दिन की यादें ताजा हो रही थीं, जब दादा और पिता ने विनय से आखिरी बार फोन पर बात की थी। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें यह दुखद सूचना मिली कि आतंकी हमले में विनय शहीद हो गए। सृष्टि ने कहा कि यह घटना परिवार के लिए एक ऐसा घाव बन गई है, जो समय बीतने के बाद भी नहीं भर पाया है।
उन्होंने कहा कि अपने माता-पिता को इस दर्द से गुजरते देखना एक बेटी के लिए बेहद कठिन होता है। वह चाहकर भी उस समय कुछ नहीं कर सकीं, लेकिन अब उनकी कोशिश रहती है कि उनके माता-पिता स्वस्थ रहें और अपने खान-पान का पूरा ध्यान रखें। सृष्टि ने बताया कि वह परिवार के साथ विनय की अच्छी यादें साझा करती रहती हैं, ताकि वह हमेशा सभी के दिलों में जिंदा रहें।
सृष्टि ने बताया कि जब विनय की तस्वीर के सामने दीप प्रज्जवलित करने को कहा गया, तो उनके हाथ कांप रहे थे। वह पल इतना भावुक था कि परिवार के लिए हिम्मत जुटाना भी मुश्किल हो गया था।
उन्होंने कहा कि विनय के लिए देश सबसे पहले था। बचपन से ही उसका सपना सेना में जाकर देश की सेवा करना था। सृष्टि ने कहा कि हम सभी को भी देश के लिए कुछ करने और एक अच्छा नागरिक बनने की सोच रखनी चाहिए।
सृष्टि नरवाल ने सरकार से अपील की है कि किसी मेडिकल या एजुकेशन संस्थान का नाम विनय नरवाल के नाम पर रखा जाए, जिससे उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि मिल सके। सृष्टि ने कहा कि आतंकवाद एक ऐसी बीमारी है, जो पूरे विश्व को नुकसान पहुंचा रही है। इसे जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है, ताकि कोई और परिवार इस तरह का दर्द न झेले।
