रोहतक में फूफा की बारात के बाद अब मुर्दों का दरबार लगाया गया। जिसमें मृत घोषित करके या मृतकों को जीवित दिखाकर पेंशन कटने वाले लोगों की सुनवाई की गई। जिसको लेकर 102 वर्षीय बुजुर्ग दुलीचंद व नवीन जयहिंद सेक्टर-6 में दरबार लगाया। मुर्दों के दरबार में पहुंचे पीड़ित की पेंशन फैमिली आईडी में गलती करके काटी गई थी।
इस दौरान अलग-अलग जिलों से 30 बुजुर्ग, दिव्यांग व विधवा महिलाएं पहुंची, जिनकी पेंशन काटी गई थी। इनमें 17 जिंदा लोग सरकार द्वारा मृत घोषित किए गए थे। वहीं 4 जिंदा दिव्यांगों को मृत घोषित किया हुआ था। 4 विधवा महिलाओं के मृत पति को जीवित दिखाया गया और 5 बुजुर्गों की पेंशन ही नहीं बनाई गई।
रोहतक के गोहाना अड्डा निवासी अनीता ने बताया कि उनकी विधवा पेंशन काटी गई है। उनकी फैमिली आईडी में उनके पति को ही जीवित दिखाया गया है, जबकि उसके पति की मौत करीब 3 साल पहले ही हो गई थी। लेकिन अब उनकी 9 माह पहले विधवा पेंशन काट दी गई है। साथ ही फैमिली आईडी में एक लाख रुपए सरकारी पेंशन भी दिखाई गई है, लेकिन उन्हें कोई पेंशन नहीं मिलती। इस समस्या को लेकर वे अधिकारियों के धक्के खा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

गांव मकड़ौली खुर्द निवासी महाबीर ने बताया कि वह दिव्यांग है और उसे पेंशन मिलती थी। पिछले करीब 12 महीने से पेंशन कटी हुई है। कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। फैमिली आईडी में उनकी आय 3.80 लाख रुपए आए दिखाई थी, जबकि उनकी आय मात्र 60-70 हजार थी, जो ठीक करवा ली। लेकिन अभी तक पेंशन नहीं मिली।

नवीन जयहिंद ने कहा कि सरकार, अधिकारियों व विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि इन बुजुर्गों को मृत दिखाने वाला प्रशासन व सरकार मृत है। ये बुजुर्ग उनकी कारगुजारी के कारण दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई तक नहीं होती। इसलिए उन्होंने कहा कि विपक्ष भी इस मुद्दे को उठाए ताकि बुजुर्गों, दिव्यांगों व विधवाओं की परेशानी दूर हो सके।

नवीन जयहिंद ने कहा कि उनके पास जो भी पेंशन कटा हुआ पीड़ित आता है, उसको पेंशन दिलाने की लड़ाई खुद लड़ेंगे। यहां तक कि पीड़ित को अब अधिकारियों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं हैं। साथ ही उनके पास आने वाले पेंशन कटने वाले लोगों को खुद के पास से पेंशन देने की घोषणा की और अन्य लोगों से भी बुजुर्गों की मदद करने के लिए आह्वान किया।
