अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता छोटे बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर चले जाते हैं। कई बार बच्चे उत्सुकतावश कुछ ऐसा कर बैठते हैं जिससे उनकी जान खतरे में पड़ जाती है। ऐसा ही एक मामला पुणे में सामने आया है। एक चार साल की बच्ची खेलते हुए तीसरी मंजिल की खिड़की से बाहर निकल गई। वह तीसरी मंजिल की खिड़की से गिरने वाली थी। तभी अग्निशमन दल के जवान योगेश अर्जुन चव्हाण ने बहादुरी दिखाते हुए उसकी जान बचाई। बच्ची की मां उसे घर पर अकेला छोड़कर गई थी। यह घटना कात्रज इलाके में हुई।
यह घटना सुबह 9 बजकर 6 मिनट पर हुई। कात्रज के गुजर निंबाळकरवाडी खोपडे नगर में सोनवणे बिल्डिंग में यह हादसा हुआ। उमेश सुतार नाम के एक व्यक्ति ने चिल्लाने की आवाज सुनी। अग्निशमन दल के तांडेल योगेश चव्हाण तुरंत बाहर आए। उन्होंने देखा कि भाविका चांदणे नाम की एक बच्ची खिड़की में फंसी हुई है। घर पर कोई नहीं था। उसकी मां दूसरी बेटी को स्कूल छोड़ने गई थी। योगेश चव्हाण ने बताया कि उन्होंने बिना देर किए बच्ची के घर की तरफ दौड़ लगाई। वह तुरंत तीसरी मंजिल पर पहुंचे। लेकिन घर पर ताला लगा हुआ था। उन्होंने बच्ची की मां का इंतजार किया। जैसे ही मां ने दरवाजा खोला। योगेश ने बच्ची को खिड़की से अंदर खींच लिया।
योगेश चव्हाण के मुताबिक- मैंने सोनवणे बिल्डिंग की तरफ दौड़ लगाई। मैं इमारत की तीसरी मंजिल पर पहुंचा। उन्होंने आगे कहा कि मां से दरवाजा जल्दी से खुलवाया और उस बच्ची को बेडरूम की खिड़की से घर में खींच लिया और उसकी जान बचाई। योगेश चव्हाण तांडेल (अग्निशमन दल, पुणे) में हैं। उनके इस बहादुरी भरे काम से एक बच्ची की जान बच गई।
अग्निशमन दल ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों के प्रति लापरवाह न रहें। बच्चों को घर पर अकेला न छोड़ें। हमेशा उनका ध्यान रखें। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।
