हरियाणा के जींद में बीती रात सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दौरान कार में आए बदमाशों ने 40 राउंड फायरिंग की। बदमाशों ने पहले रात करीब 11 बजे एक भाई के बेटे पर गोलियां चलाईं। उस वक्त वह स्कॉर्पियो में सवार था। मगर, वह किसी तरह वहां से भागकर बच गया। जिसके बाद बदमाश रात 2 बजे गोडाउन में घुस गए। उन्होंने वहां ताबड़तोड़ फायरिंग कर निर्जन गांव के रहने वाले सतीश (44) और दिलबाग (50) भाइयों को गोली मार दी। जब उन्हें जींद के अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जिसके बाद सिविल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालातों का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची। थोड़ी देर में मृतकों के शव का पोस्टमॉर्टम होगा। इस हत्याकांड से पहले दोनों पक्षों का झगड़ा भी हुआ था। जिसके बाद रात को आकर उन्होंने गोलियां चलाईं। दोनों के बीच एक प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा है।वहीं मृतकों के परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती, वह डेडबॉडी नहीं लेंगे।
फायरिंग से बचे मोहित से मिली जानकारी के मुताबिक- कल मंगलवार शाम करीब साढ़े 8 बजे मेरे पिता और चाचा के साथ मारपीट की गई। इसकी हमने MLR भी कटाई। फिर हम सब वापस लौट गए और पुलिस को कार्रवाई के लिए शिकायत दे दी। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद रात को सबसे पहले मुझ पर फायरिंग हुई। मैं स्कॉर्पियो गाड़ी से जा रहा था। मेरी हत्या के लिए कई राउंड फायरिंग की गई। मैं किसी तरह स्कॉर्पियो समेत वहां से निकल गया। हालांकि आरोपियों ने फायरिंग करके मेरी स्कॉर्पियो छलनी कर दी। इसके बाद आरोपी सत्यम गैस के हमारे गोडाउन में गए। वहां मेरे चाचा और पापा बैठे थे। वहां मेरे चाचा का लड़का भी था। पहले उन्होंने गाड़ी ऊपर चढ़ाने की कोशिश की। इसके बाद चाचा का लड़का छुप गया। फिर बदमाशों ने मेरे पापा और चाचा को गोलियां मार दीं। इसके बाद वह फरार हो गए।
मोहित ने मीडिया में बताया कि गांव के ही रहने वाले सुरेश और उसके बेटे मोहित से हमारा जमीन को लेकर पुराना झगड़ा चल रहा है। इस बारे में कोर्ट में भी केस चल रहा है। हमने इस मामले में कई बार प्रशासन को शिकायत दी। जिसके बाद प्रशासन ने दीवार भी निकलवाई थी। इसके बावजूद आरोपियों ने जबरन 3 बार वह दीवार गिरा दी।इसके बाद भी हमें बार-बार धमकियां दी जा रहीं थीं। हमने पहले भी शिकायत दर्ज कराई थी कि हमें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोपी अपने हथियार दिखाकर हमें परेशान कर रहे थे। हत्या करने वालों में सुरेश, उसका बेटा मोहित और 5-6 आदमी और थे।
वहीं मृतकों के परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती, वह डेडबॉडी नहीं लेंगे।
