मोहाली बॉर्डर पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब चंडीगढ़ स्थित राजभवन कूच करने पहुंचे पंजाब के किसान पुलिस से भिड़ गए। किसान कर्ज सीमा बहाल करने, सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस पहले से अलर्ट मोड पर रही और कई जगहों पर भारी बैरिकेडिंग की गई।पुलिस ने YPS चौक से चंडीगढ़ जाने वाले मुख्य मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया। वहीं सेक्टर-50 की ओर जाने वाली सड़क पर भी बैरिकेड लगाए गए, क्योंकि यह रास्ता राज्यपाल आवास के आसपास के इलाके की तरफ जाता है। इसके बावजूद किसान सेक्टर-50 मार्ग से आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। स्थिति तब बिगड़ गई जब किसानों ने ट्रैक्टरों पर लगी लोहे की चेन की मदद से पुलिस बैरिकेडिंग उखाड़ दी और आगे बढ़ने का प्रयास किया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें भी छोड़ीं। मौके पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बाद में किसानों की SSP कंवरदीप कौर के साथ बैठक हुई। इसके बाद पंजाब राजभवन से आए एक अधिकारी को किसानों ने अपना मांग पत्र सौंपा।

किसानों की प्रमुख मांगें..

‘दरियाई पानी’ का बंटवारा रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार किया जाए

पंजाब पुनर्गठन एक्ट की कुछ धाराएं रद्द की जाएं

प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल 2025 और बीज कानून 2025 वापस लिए जाएं

सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी लागू हो

सहकारी समितियों द्वारा रद्द की गई ऋण सीमाएं बहाल हों

धान सीजन में बिजली और नहर के पानी की पूरी सप्लाई दी जाए

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के पीछे से चंडीगढ़ जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। मटौर बैरियर पर भी यातायात मोड़ा गया। हालांकि बाकी इलाकों में ट्रैफिक सामान्य रहा और आम लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना

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