क्रांतिकारी पार्टी एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) ने मणिपुर में हो रहे खून खराबे को रोकने और वहाँ अमन-शान्ति, आपसी विश्वास व भाईचारा बहाल करने की मांग पर आज रोहतक के मानसरोवर पार्क से लघु सचिवालय तक राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया और उपायुक्त रोहतक के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन दिया।पार्टी के कार्यकर्ता पहले मानसरोवर पार्क में इकट्ठा हुए। वहां एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के पोलिट ब्यूरो सदस्य व हरियाणा राज्य सचिव सत्यवान के अलावा राज्य सचिव मण्डल के सदस्य अनूप सिंह मातनहेल, कामरेड राजेन्द्र सिंह, रामफल सुहाग व ईश्वर सिंह राठी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया।
हरियाणा प्रदेश के लोगों की ओर से राष्ट्रपति महोदया से पुरजोर मांग की गई कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक मुखिया होने के नाते मणिपुर में हालात को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए वे केन्द्र व मणिपुर की प्रदेश सरकार को सख्त निर्देश जारी करें। गत 3 मई से जारी व्यापक साम्प्रदायिक हत्याओं और आगजनी की घटनाओं के बाद से वहां के लोगों का जीवन पूरी तरह से बाधित होने पर चिंता जताई गई।
करीबन दो महीनों में अब तक इसमें सैकड़ों लोगों की जान गई हैं और 50,000 से ज्यादा लोग बेघर होकर राहत शिविरों में दयनीय हालात में बंद हैं। बड़े पैमाने पर आगजनी जारी है। राज्य जल रहा है लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्रीय सरकार लगभग मूकदर्शक बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता का एक भी शब्द आज तक नहीं बोला है।
ज्ञापन में आक्रोश जताया गया है कि ‘वोट बैंक’ विकसित करने के लिए ‘फूट डालो और राज करो’ की कुनीति के अनुरूप केंद्र सरकार जानबूझकर इस साम्प्रदायिक टकराव को जारी रहने दे रही है। इसे जाति, पंथ, नस्ल और धर्म से परे आम लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ बनाया हुआ है। जबकि सरकार चाहें तो आम लोगों की कीमती जिंदगियां बचाने, शांति की बहाली और सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए इस सांप्रदायिक उभार को कुछ ही घंटों में दबा सकती हैं।
मणिपुर में शांति बहाल करने की मांग परएसयूसीआई कम्युनिस्ट की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर आज 30 जून को देशभर में विरोध दिवस आयोजित किया है। पार्टी ने मणिपुर के शांतिप्रिय लोगों के सभी तबकों का भी आह्वान किया है कि वे अपने पातों को सुदृढ़ करें और अलगाववादी, अंधराष्ट्रवादी, कट्टर सांप्रदायिक ताकतों को परास्त करें, उन्हें जनता से अलग-थलग करें और अपनी साझा ज्वलंत मांगों पर केंद्रित एकजुट जनवादी आंदोलनों के विकास का मार्ग प्रशस्त करें। इसी रास्ते मणिपुर के लोगों के सभी तबकों को शामिल करते हुए दृढ़ एकता और भाईचारा स्थापित हो सकेगा।
‘मणिपुर में खून-खराबे को शह देने वाली भाजपा सरकार को बेनकाब करो’, ‘फूट डालो राज करो की वोट बैंक राजनीति का विरोध करो’, ‘भातृघाती खून-खराबा कराने वाली दुष्ट राजनीति को परास्त करो’, मणिपुर में खून खराबे को रोकने, भाईचारा व शांति बहाल करने के लिए आवाज उठाओ’ के जोरदार नारे लगाते हुए आज के विरोध प्रदर्शन में रोहतक, झज्जर के अलावा सोनीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, हिसार, भिवानी, जीन्द, गुड़गांव और रेवाड़ी व महेन्द्रगढ़ से पार्टी कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
