दहेज में फॉर्च्यूनर गाड़ी, 20 लाख रुपए, शादी के वक्त भाई व बहनोई की गोल्ड चेन मांगने पर Phd कोमल की शादी टूटने का मामला अब हरियाणा महिला आयोग पहुंच चुका है। आयोग की चेयरमैन प्रीति भारद्वाज दलाल ने खुद मामले पर संज्ञान लिया। उन्होंने पहले लड़की पक्ष, फिर लड़के पक्ष से बातचीत की। यह बातचीत केस की तफ्तीश कर रहे DSP के सामने ही हुई।
आयोग की चेयरमैन ने कहा कि दहेज लेना एक बीमारी है। यह काफी शर्मनाक घटना है, पता नहीं लोगों को दहेज की इतनी भूख क्यों है कि उन्हें गाड़ी शादी से लेनी है। पुलिस की तरफ से केस में कुछ धाराएं कम लगाई गई थीं। जबकि इस मामले में और धाराएं बनती हैं, उन्हें लगाने के लिए भी बोल दिया गया है। जो इस मामले में कार्रवाई बनती है, वह जल्द से जल्द की जानी चाहिए।
मामले की जांच कर रहे DSP अभिलक्ष्य जोशी ने बताया कि मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद जो भी बयान लड़की पक्ष की तरफ से आएंगे, उसके तहत जो भी धारा बनती होंगी, वे और जोड़ दी जाएंगी। मामला गंभीर है। ऐसे में पुलिस की तफ्तीश में क्या कुछ सामने आता है, वह देखना होगा। हरियाणा के करनाल जिले में दुल्हन पक्ष ने दूल्हे वालों पर फॉर्च्यूनर कार और 20 लाख कैश की डिमांड कर पूरी रात फेरे ही नहीं होने देने का आरोप लगाया था। लड़की वालों ने मंगलवार सवेरे पुलिस बुला ली थी। पुलिस के सामने सुबह 8:00 बजे दूल्हे वाले फेरों के लिए झट तैयार हो गए। लड़की पक्ष का कहना था कि रात 2 से 3 बजे के बीच फेरे होने थे, लेकिन बार-बार बुलाने पर नहीं आए। अब पुलिस को देखकर मान गए हैं, बाद में कुछ भी कर सकते हैं। दुल्हन पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दूल्हे नसीब, उसके पिता करतार और भाई प्रीतम के खिलाफ केस दर्ज किया है। करनाल के एक होटल में लॉ से डॉक्टरेट कोमल की शादी थी। ससुरालियों की फॉर्च्यूनर कार और कैश की डिमांड के कारण यह अटक गई। सारी रात दूल्हा और उसके परिजन फेरे लेने के लिए नहीं माने।
जींद निवासी दूल्हा नसीब केंद्रीय कृषि विभाग में वैज्ञानिक हैं। दुल्हन कोमल भी शिक्षा विभाग में कार्यरत है। कोमल को NDRI में कार्यरत बागपत (UP) निवासी उसके ताऊ योगेंद्र तोमर ने गोद ले रखा है। पालन-पोषण के बाद पीएचडी कराने के बाद अब शादी भी वही करवा रहे थे। लड़की के ताऊ योगेंद्र तोमर ने बताया कि बरात आई तो 80 बारातियों को चांदी का एक-एक सिक्का दिया गया। उसके बाद लग्न की रस्म हुई। उसमें उन्होंने सामर्थ्य के अनुसार, होने वाले समधी को अंगूठी और दूल्हे को चेन पहनाई। जब लग्न की रस्म पूरी होने के बाद वहां से उठे तो लड़के ने तुरंत चेन गले से खींचकर फेंक दी। हम हाथ जोड़कर उनसे प्रार्थना करते हुए कारण पूछने लगे। सामने आया कि लड़के के बहनोई और दूसरे भाई के लिए भी चेन की डिमांड थी।
ताऊ ने बताया कि हमने हाथ जोड़कर दो दिन का समय मांगा और प्रार्थना की। दूल्हा पक्ष मना करते हुए गाली-गलौज करने लगा और फेरों के लिए आने से मना कर दिया। इसके बाद बात सामने आई कि गाड़ी भी कहीं नहीं दिख रही। फॉर्च्यूनर गाड़ी की बात कही थी… ऐसे तो रुपए भी नहीं देंगे। लंबे समय तक दूल्हे पक्ष के लोगों में खुसर-फुसर होती रही। हम उन्हें बुला रहे थे और वह हमें लगातार टालते रहे। योगेंद्र तोमर ने बताया कि उनकी बेटी कोमल LLB, LLM, Ph.D. पास है। जॉब करती है। जब दहेज के लोभी किसी की बेटी को ऐसे छोड़ दे तो कोई पिता क्या करे? मंगलवार सुबह तक दोनों पक्षों में मान-मन्नौवल चली। जब नहीं माने तो उन्होंने पुलिस को बुला लिया।
दुल्हन बनी कोमल ने कहा कि पापा ने आकर बताया कि दूल्हे ने चेन और अंगूठी उतार कर फेंक दी। दूल्हे ने कहा कि उसके दो बहनोई और बड़े भाई के लिए कुछ नहीं दिया। समाज में बेइज्जती कर दी। वह लॉ में पीएचडी हैं, जो उसके साथ ऐसा कर सकता है, वह आम लड़की के साथ कैसा व्यवहार करेंगे। कोमल ने बताया कि वह हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट में लीगल लॉयर हैं। यहां CM सिटी में पढ़े-लिखे के साथ ऐसा हो रहा है। ऐसे दहेज लोभियों के साथ बिल्कुल शादी नहीं करना चाहती। दूल्हा पक्ष ने कहा कि आप सामान की बजाय कैश दे दो। पिता यूपी के किसान हैं। 8 साल से उन्हें गन्ना का पैसा नहीं मिला। वह ब्याज पर पैसे उठाकर शादी कर रहे थे। उन्होंने चार-पांच दिन का टाइम मांगा कि सब अरेंज कर देंगे।
