हरियाणा के हिसार में सब्जी मंडी पुल पर CIA इंचार्ज पवन कुमार से हुए विवाद मामले में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हिसार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एकतरफा जांच करने पर फटकार लगाई।
जजपा की ओर से पेश हुए वकील रविंद्र ढुल ने बताया कि हाईकोर्ट ने पुलिस से पूछा कि शिकायतकर्ता दुष्यंत चौटाला को जांच में शामिल क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने इस मामले में हिसार पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई अब 22 मई को होगी।
हिसार एसपी ने रिपोर्ट में आरोपों को बताया था झूठा
इस मामले में हिसार के एसपी सिद्धांत जैन ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि दुष्यंत चौटाला द्वारा लगाए गए आरोप जांच में झूठे और निराधार पाए गए हैं।
23 अप्रैल को दायर की थी याचिका
दुष्यंत चौटाला ने 23 अप्रैल को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें हिसार पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हिसार एसपी को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद एसपी की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया, जिसमें बताया गया कि मामले की जांच के लिए डीएसपी कमलजीत की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी की जांच में चौटाला के आरोप निराधार पाए गए, इसलिए याचिका खारिज करने की मांग की गई।
SIT जांच पर उठे सवाल
गुरुवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि शिकायतकर्ता को ही जांच में शामिल नहीं किया गया तो जांच निष्पक्ष कैसे मानी जा सकती है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
