राजस्थान के अलवर से ऐसी घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर से इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यह वीभत्स घटना तिजारा फ्लाईओवर की है। जहां पर पुलिस को देर रात गश्त के दौरान एक लड़की के दुष्कर्म की सूचना मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मासूम के प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। गंभीर अवस्था में पुलिस ने नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है।

अलवर में मंगलवार रात दरिंदों ने एक बेजुबान नाबालिग के साथ गैंगरेप कर अलवर में फ्लाईओवर पर फेंक दिया। हैवानों ने नाबालिग मूक बधिर के साथ गैंगरेप किया। वहशी यहीं रुके। उन्होंने बच्ची को किसी नुकीली चीज से मारा और जख्मी कर दिया। मूक बधिर होने की वजह से मासूम चिल्ला भी नहीं सकी। आरोपी उसे गाड़ी में लेकर घूमते रहे, लेकिन खून बंद नहीं होने पर एक फ्लाईओवर पर छोड़कर भाग गए।

लहूलुहान किशोरी एक घंटे तक पुलिया पर तड़पती रही। 2 फीट सड़क खून से लाल हो गई। खून से लथपथ नाबालिग को कुछ राहगीरों ने देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली। रात करीब 9 बजे जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जेके लोन अस्पताल जयपुर रेफर कर दिया। जेके लोन अस्पताल में बच्ची का ऑपरेशन किया गया है।

डॉ केके मीणा ने बताया कि नाबालिग का बहुत अधिक खून बह चुका था। असल में उसके प्राइवेट पार्ट में काफी बड़ा कट लगा हुआ था। किसी नुकीली चीज से ये जख्म किया गया। इसी कारण उसका काफी खून बह गया है।

SP तेजस्वनी गौतम ने बताया कि तिजारा फाटक पुलिया पर गैंगरेप के बाद नाबालिग को फेंका गया था। लहूलुहान नाबालिग चिल्ला भी नहीं सकी। जब उसे अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने जांच की। तब जाकर पता चला कि बच्ची मूक-बधिर है। वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। थोड़ी बहुत मुंह से आवाज करती, लेकिन बोल नहीं पा रही थी। तब लगा कि यह मूक बधिर है।

रात करीब 11 बजे नाबालिग के मां व मामा अस्पताल आ गए। तब पता लगा नाबालिग की उम्र करीब 16 साल है। मूक बधिर है। जो मंगलवार शाम करीब 4 बजे घर से निकल गई थी। उसके बाद पता नहीं चला कि किसी के साथ आई या उसका अपहरण करके लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार सवार लोगों ने नाबालिग को पुलिया पर फेंका है। इसके बाद लोगों ने पुलिस को फोन किया। पुलिस दरिंदों की तलाश में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस की तीन टीम बदमाशों की तलाश में लगी हैं।

अलवर के अस्पताल में बालिका को 2 यूनिट खून चढ़ाया गया। इसके बाद एक यूनिट एक्स्ट्रा खून के साथ नाबालिग को अलवर से जयपुर भेजा गया। जयपुर में डीएसपी अंजू जोरवाल सहित स्टाफ लेकर गया। वहां जेके लॉन अस्पताल में नाबालिग का इलाज चल रहा है। दोपहर करीब 12 बजे नाबालिग का ऑपरेशन चल रहा था। असल में ऑपरेशन की जरूरत भी इसलिए पड़ी कि नाबालिग के प्राइवेट पार्ट में नुकीली वस्तु डाली गई थी। जिससे काफी बड़ा कट लगा हुआ था।

जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि 7 डॉक्टरों की टीम बच्ची का इलाज कर रही है। बच्ची को शॉर्प ऑब्जेक्ट से बुरी तरह घायल किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश और उद्योग मंत्री शकुंतला रावत भी बच्ची को हाल जानने अस्पताल पहुंची थीं।

पुलिस का मानना है कि मालाखेड़ा के पास धवाला से नाबालिग का अपहरण किया गया। इसके बाद बदमाश उसे सुनसान जगह लेकर गए। गैंगरेप के बाद नाबालिग की हालत बिगड़ी तो उसे पुलिया पर फेंका गया। रात से पुलिस ने कई जगहों पर सीसीटीवी खंगाले हैं, फिर भी पुलिस अभी खाली हाथ ही है।

नाबालिग के परिवार को सरकार से करीब साढे 3 लाख रुपए की सहायता देने की कलेक्टर ने मंजूर की है। इसके अलावा अलवर ग्रामीण के विधायक व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री टीकाराम जूली नाबालिग के परिवार से मिले हैं। पूरी मदद का आश्वासन दिया है।

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