हरियाणा के सोनीपत में 14 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा गुरुवार को रोजाना की तरह गांव के सरकारी स्कूल से घर लौटी थी। घर आने के करीब 10 मिनट बाद वह पड़ोसी के घर पानी लेने गई थी, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत की खबर फैल गई। परिवार ने शुरुआत में गांव वालों को बताया कि लड़की के पेट में अचानक तेज दर्द उठा था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद आनन-फानन में अंतिम संस्कार की तैयारी कर दी गई। लेकिन पड़ोस में रहने वाली एक महिला को मामला संदिग्ध लगा। उसने शव से चादर हटाकर देखा तो लड़की के गले पर निशान दिखाई दिए। महिला ने तुरंत हत्या की आशंका जताई और यह बात गांव के सरपंच जसबीर तक पहुंचाई।सरपंच ने तुरंत को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिवार ने करीब 3 बजे लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस श्मशान घाट पहुंची और चिता से अस्थियां कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दीं।जांच के दौरान पुलिस को परिवार की कहानी पर शक तब और गहरा गया, जब लड़की की मां बार-बार अपने बयान बदलती रही। पहले उसने मौत का कारण पेट दर्द बताया, फिर कहा कि लड़की को काला पीलिया था और बाद में दावा किया कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि महिला की पहली शादी उत्तर प्रदेश के शामली जिले के भूरे कंडेला गांव निवासी अंग्रेज नामक व्यक्ति से हुई थी। पहली शादी से उसकी तीन बेटियां थीं। पति-पत्नी में विवाद के बाद महिला अपनी बेटियों को लेकर गांव चटिया औलिया निवासी सतीश के साथ रहने लगी थी। सतीश से भी महिला के दो बच्चे हैं।इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करीब एक साल पहले महिला की दूसरी बेटी की भी संदिग्ध परिस्थितियों में जोहड़ में डूबने से मौत हुई थी। उस समय भी जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। अब पुलिस उस पुराने मामले को भी दोबारा खंगाल रही है और दोनों घटनाओं के बीच संबंध तलाश रही है।मामले की सूचना मिलते ही एसीपी ऋषिकांत, सीआईए टीम और गन्नौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लड़की की मां और सौतेले पिता सतीश के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर मौत की असली वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
