कैथल जिले के गांव पबनावा निवासी 37 वर्षीय युवक मनीष कुमार का अमेरिका में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। मनीष करीब चार साल पहले डंकी रूट के जरिए अमेरिका गया था, जहां वह किराये की गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
मृतक की माता केलो देवी के मुताबिक, देर रात अचानक मनीष को हार्ट अटैक आया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके साथ रहने वाले लोगों ने तुरंत परिवार को सूचना दी। घटना की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
केलो देवी के मुताबिक, उन्होंने डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर बेटे को इस उम्मीद से विदेश भेजा था कि वह अच्छी कमाई कर परिवार के हालात सुधारेगा, लेकिन अब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मनीष चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी शादी हो चुकी थी और उसका 13 वर्षीय बेटा भी है। पिता सुरजन सिंह बुजुर्ग हैं तथा मनीष ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।परिजनों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले ही मनीष की परिवार से बातचीत हुई थी। उसने मां से कहा था कि वह अभी गाड़ी चला रहा है और बाद में बात करेगा। इसके कुछ समय बाद ही उसकी मौत की सूचना परिवार को मिली।अब परिवार ने सरकार से मांग की है कि मनीष के शव को भारत लाने में सहायता की जाए, ताकि परिवार अंतिम दर्शन कर सके और गांव में उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।
