रोहतक में हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए सुपर 40 कार्यक्रम को सरकारी शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तनकारी पहल बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मॉडल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संसाधनों के अभाव से मुक्त कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं JEE–NEET के लिए तैयार करेगा। प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी बच्चा अभाव में नहीं रहेगा।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हिसार रोड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुपर 40 कार्यक्रम के नए सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के लिए लेवल प्लेइंग फील्ड, कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग देना, विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाना है, ताकि वे निजी कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सुपर-40 में शामिल स्टूडेंट्स के साथ संवाद किया और कहा कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की बढ़ोतरी हुई है। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी किसी से कम नहीं हैं। उनमें अपार प्रतिभा है। जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम की है।
DC सचिन गुप्ता ने बताया कि यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के सुपर 100 मॉडल से प्रेरित है। सुपर 40 उन विद्यार्थियों के लिए अवसर का मंच है, जो किसी कारणवश सुपर 100 का हिस्सा नहीं बन पाते। यहां उन्हें उसी स्तर की कोचिंग और तैयारी करवाई जा रही है। विद्यार्थियों को JEE–NEET दोनों परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है।

DC सचिन गुप्ता ने बताया कि अगले सत्र से कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए एक वर्षीय कोर्स, 2 वर्षों में स्ट्रक्चर्ड तैयारी मॉडल, NCERT आधारित कॉन्सेप्ट बिल्डिंग, नियमित टेस्ट एवं प्रदर्शन मूल्यांकन लागू किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को AIIMS, IIT जैसे संस्थानों तक पहुंचाना है। यह धारणा समाप्त करनी है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल निजी संस्थानों में ही उपलब्ध है।
