अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में छात्रा से रैगिंग और सुसाइड के प्रयास मामले में डायरेक्टर की तरफ से बनाई गई जांच कमेटी सोमवार को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप सकी। डायरेक्टर डॉ. अलका छाबड़ा का कहना है कि शिकायतकर्ता व आरोपी पक्ष दोनों को जांच के लिए बुलाया गया था, लेकिन दोनों हीं नहीं पहुंचे। पीड़िता की माता ने बताया कि उनकी बेटी की तबियत ठीक नहीं थी। जिस कारण वह जांच कमेटी के समक्ष पेश नहीं हो सके। लेकिन हमें वहां पर बुलाया ही नहीं गया था। जांच कमेटी ने शिकायत व्हाट्सऐप करने को कहा था, जो कर दी गई है।

वहीं अर्बन इस्टेट थाना प्रभारी एसआई अनिल ने बताया कि अब पुलिस केस की जांच करेगी। वार्डन के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं। पीड़िता की मां ने हॉस्टल के वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी बेटी सहित 7 छात्राओं से रैगिंग की जा रही थी। आरोपी छात्राओं ने उन छात्राओं का भी बायकॉट (बहिष्कार) करने के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप में संदेश छोड़े हुए थे। जिसमें यह भी लिखा हुआ है कि जो भी इन 7 छात्राओं का बायकॉट नहीं करेगा, उसका बायकॉट कर दिया जाएगा।

पीड़िता की मां ने बताया कि 18 अक्टूबर को सातों छात्राएं वार्डन के पास शिकायत लेकर पहुंची थीं, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी थी। उन्होंने व्हाट्सऐप चैटिंग के स्क्रीन शॉट मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंप दिए हैं। अगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन या पुलिस प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं करेगा तो वह दोनों विभाग के उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेंगी। पूरे मामले में हॉस्टल के वार्डन भी शामिल हैं।

अग्रोहा मेडिकल कॉलेज की MBBS थर्ड ईयर की एक छात्रा ने 19 अक्टूबर को दो सीनियर छात्राओं द्वारा की जा रही अश्लील रैगिंग से परेशान होकर शुक्रवार दोपहर को जिंदल अस्पताल की पहली मंजिल की खिड़की से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया था। पीड़िता का आरोप था कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज की दो सीनियर छात्राएं उसकी रैगिंग करती थीं। जिसकी शिकायत उसने कई बार कॉलेज प्रशासन को की थी, लेकिन सुनवाई न होने पर उसने यह कदम उठाया था।

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