रोहतक के गांव गरनावठी की रहने वाली डॉ. कीर्ति ने भारतीय सेना में कैप्टन बनकर पूरे जिले का नाम रोशन किया। भारतीय सेना में डॉ. कीर्ति गांव गरनावठी की पहली महिला अधिकारी बनी है, जिसके बाद से गांव में उत्साह का माहौल है। कैप्टन बनने के बाद डॉ. कीर्ति के गांव आने पर स्वागत किया जाएगा।

डॉ. कीर्ति का जन्म गांव गरनावठी के साधारण परिवार में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा गांव सुंडाना के जीआरएम सीनियर सैकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। वहीं, 12वीं कक्षा रोहतक शहर के सरकारी स्कूल से पास की। 12वीं कक्षा के पास कीर्ति का चयन मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में हो गया, जिसके बाद भी आगे की पढ़ाई जारी रखी

डॉ. कीर्ति पढ़ाई में शुरू से ही होनहार रही है। 12वीं के बाद भारतीय सेना में नौकरी मिलने के बाद भी आगे की पढ़ाई को जारी रखा और 2024 में कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मणिपाल से MBBS की डिग्री को हासिल किया। साथ ही जनवरी से अक्टूबर 2025 तक सफदरगंज अस्पताल, नई दिल्ली में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में सेवाएं देते हुए चिकित्सा अनुभव को हासिल किया।

डॉ. कीर्ति ने अपनी मेहनत के बल पर कैप्टन बनने का सफर तय किया। सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद MBBS की डिग्री लेना और 30 मई को अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना में कैप्टन के पद को हासिल किया है। डॉ. कीर्ति की सफलता के पीछे उनके पिता महाबीर सिंह व मां सुनीता रानी का पूरा सहयोग रहा है।

गांव गरनावठी के ग्रामीणों का कहना है कि बेटी ने सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। डॉ. कीर्ति गांव की पहली महिला अधिकारी है, जो भारतीय सेना में देश की सेवा करेगी। डॉ. कीर्ति के गांव आने पर सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। डॉ. कीर्ति आज गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

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