बिमला मर्डर केस में कुख्यात गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को आज हरियाणा की नारनौल कोर्ट सजा सुनाएगी। नारनौल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन की कोर्ट दोपहर बाद फैसला सुना सकती है।कोर्ट ने उसे सोमवार को दोषी करार दे दिया।इस मामले की सुनवाई सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। केस की सुनवाई के दौरान 19 लोगों की गवाही हुई।
पीड़ित पक्ष के एडवोकेट अजय चौधरी ने बताया कि पपला गुर्जर को सजा में फांसी हो या उम्रकैद इस पर मंगलवार को बहस होगी। जिसके बाद ही कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। अजय चौधरी के अनुसार, पपला को FSL, बिमला की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मौके पर मौजूद बिमला के देवर दुड़ाराम की गवाही के आधार पर दोषी ठहराया गया है। FSL रिपोर्ट में बिमला को 23 गोलियां मारने के साथ ही दो हथियार यूज होने की बात सामने आई थी। एक 9MM पिस्टल और दूसरा देसी कट्टे की गोलियां उसके शरीर से निकाली गई थीं।
यह था पूरा मामला।
महेन्द्रगढ़ के गांव खैरोली निवासी बिमला की 21 अगस्त 2015 को गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बिमला की हत्या का आरोप उसके गांव के गैंगस्टर बिक्रम उर्फ पपला पर लगा था। महेन्द्रगढ़ सदर थाने में उसके खिलाफ 148, 149, 302, 120बी और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया था, लेकिन 5 सितंबर 2017 को कोर्ट में पेशी के दौरान पपला के साथी उसे अंधाधुंध फायरिंग करके छुड़ाकर ले गए थे। इस गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी की मौत भी हुई थी।
पीड़ित पक्ष के वकील अजय चौधरी के अनुसार, 21 अगस्त की रात बिमला अपने घर पर मौजूद थी। रात 12 बजे पपला के अलावा उसके 6 अन्य साथियों ने मिलकर बिमला की 23 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में 6 आरोपी संदेह के लाभ में 12 अप्रैल 2018 को बरी कर दिए गए थे, जबकि पपला को अब दोषी ठहराया गया है। एडवोकेट अजय चौधरी के अनुसार, बिमला की हत्या इसलिए की गई थी, क्योंकि उसने अपने पिता श्रीराम और बेटे संदीप के मर्डर के मामले में फैसला करने से मना कर दिया था। इन दोनों ही मर्डर में भी पपला का हाथ था।
पपला को 28 जनवरी 2021 को राजस्थान की स्पेशल पुलिस फोर्स ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से फिर गिरफ्तार किया था। उसके बाद से ही वह अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 6 साल पुराने बिमला मर्डर केस में पपला के वकीलों ने नारनौल कोर्ट में अर्जी दाखिल करके पपला को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की अपील की थी। कोर्ट ने अर्जी स्वीकार करके 29 सितंबर को उसे कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। 29 सितंबर को पेशी के बाद ASJ सुधीर जीवन ने पपला को नसीबपुर जेल में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे।
पपला गुर्जर पर हरियाणा के अलावा राजस्थान में भी कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। हरियाणा पुलिस के इस वांछित बदमाश को 6 सितंबर 2019 को चेकिंग के दौरान राजस्थान की बहरोड़ थाना पुलिस ने मोटी रकम के साथ हिरासत में लिया था। लेकिन उस वक्त पुलिस पपला को पहचानने में गच्चा खा गई थी। उसे सामान्य बदमाश समझ कर बहरोड़ थाने के लॉकअप में रखा गया था। उसी दिन सुबह पपला के साथियों ने एके-47 से बहरोड़ थाने पर हमला बोलते हुए पपला को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया था।
