रोहतक के गांव भैणी सुरजन निवासी बंसी ने सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में बताया कि उसका छोटा भाई भूप सिंह हरियाणा पुलिस में SPO (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) के पद पर तैनात था। वहीं भूप सिंह अपने परिवार के साथ रोहतक के जींद बाइपास स्थित अनंतपुरम सोसाइटी में किराए के मकान में पिछले 3 साल से रहता है।
उन्होंने कहा कि उसे सूचना मिली थी कि हिसार बाइपास पर भूप सिंह ने जहरीले पदार्थ (सल्फास) की गोलियां खा ली। जिसके बाद भूप सिंह को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई में लाया गया। इसकी सूचना पर वह भी अपने भाई को संभालने के लिए रोहतक पीजीआई में पहुंचा। जहां इलाज के दौरान उसके छोटे भाई की मौत हो गई।
बंसी ने कहा कि उसके भाई भूप सिंह का वर्ष 2016 से अपने साले सोनू के साथ 8 लाख 70 हजार रुपए के लेन-देन को लेकर मनमुटाव चल रहा था। अब सोनू भूप सिंह को पैसे वापस देने से मना कर रहा था। वहीं अभिषेक नामक व्यक्ति के साथ मिष्ठान भंडार की दुकान में पार्टनरशिप के 10 लाख रुपए दिए हुए थे। अब आरोपी अभिषेक 10 लाख रुपए वापस नहीं दे रहा था। भूप सिंह ने अपने साले सोनू और अभिषेक द्वारा पैसे ना देकर परेशान करने के कारण जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है।
सिटी थाने के जांच अधिकारी सोमवीर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि जहर खाने से एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गए। जिसके बाद घटनास्थल पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। वहीं मृतक के भाई के बयान पर 2 लोगों (सोनू और अभिषेक) के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
