पंजाब के फरीदकोट में श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम से दोबारा पूछताछ होगी। पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम फिर रोहतक की सुनारिया जेल जाएगी। शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सरकारी वकील ने रिपोर्ट पेश करने के लिए 4 हफ्ते का वक्त मांगा। उन्होंने कहा कि अभी राम रहीम से और पूछताछ होनी है। हाईकोर्ट ने इसे मानते हुए सुनवाई को टाल दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। हाईकोर्ट में राम रहीम के सहयोग देने या न देने के बारे में SIT ने कुछ नहीं कहा। जब सरकारी वकील ने दोबारा पूछताछ की बात कही तो हाईकोर्ट ने कहा कि इस बारे में पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं।
इस मामले में पहले फरीदकोट कोर्ट ने राम रहीम को पंजाब लाने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया था। इसके खिलाफ राम रहीम के वकीलों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट के फैसले को रद्द कर SIT को जेल में पूछताछ करने के आदेश दिए थे।
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम से 4 दिन पहले रोहतक की सुनारिया जेल में पूछताछ हुई थी। पंजाब पुलिस की SIT ने IG सुरिंदरपाल सिंह परमार की अगुवाई में SSP मुखविंदर सिंह भुल्लर, डीएसपी लखबीर सिंह और एक इंस्पेक्टर ने यह पूछताछ की थी। करीब 9 घंटे चली पूछताछ में 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए थे। पूछताछ के बाद IG परमार ने कहा था कि HC में रिपोर्ट देने के बाद ही कुछ कहेंगे।
पंजाब पुलिस की SIT 6 साल पहले दर्ज हुए बेअदबी के एक मामले में डेरा प्रमुख से पूछताछ करना चाहती है। यह मामला 1 जुलाई 2015 का है, जब फरीदकोट जिले में बरगाड़ी से 5 किलोमीटर दूर स्थित गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब का पावन स्वरूप चोरी हो गया था। 24 सितंबर 2015 को बरगाड़ी में गुरुद्वारे के पास हाथ से लिखे दो पोस्टर लगे मिले। इस मामले में FIR नंबर 63 दर्ज की गई थी। जिसमें राम रहीम को नामजद किया गया था।
बेअदबी और गोलीकांड के इस मामले में साल 2015 में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें पांच डेरा प्रेमियों रणदीप सिंह उर्फ नीला, रणजीत सिंह, बलजीत सिंह, निशान सिंह और नरिंदर कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया, जो अब जमानत पर चल रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा की नेशनल कमेटी के तीन मेंबर संदीप बरेटा, प्रदीप कलेर और हर्ष धूरी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए। अभी तक इनकी तलाश की जा रही है।
बेअदबी की जांच के मामले में तीन SIT और जस्टिस (सेवामुक्त) रणजीत सिंह पर आधारित एक कमीशन बन चुका है। 9 अप्रैल 2021 को हाईकोर्ट ने दूसरी SIT की जांच रद्द की थी। हाईकोर्ट ने नई SIT से जांच के लिए कहा था। इसके लिए 6 महीने का टाइम दिया था। इसके बाद 7 मई 2021 को दूसरी SIT बनी, जिसे 6 महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। SIT अब रिपोर्ट पेश करेगी।
