गुरुग्राम में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय ‘गुरुकमल’ के बाहर कांग्रेस द्वारा सुंदरकांड पाठ कराने के ऐलान ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। कार्यक्रम को लेकर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते सेक्टर-40 थाना पुलिस ने कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्षों को नोटिस जारी किया है। साथ ही भाजपा कार्यालय के 300 मीटर के दायरे में धारा-144 लागू कर दी गई है।
मंगलवार सुबह से ही गुरुकमल कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। कार्यालय की सुरक्षा के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी लगाई गई है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट वजीराबाद के नायब तहसीलदार मक्खन सिंह भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। भाजपा के जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी भी कार्यालय पहुंचे और हालात का निरीक्षण किया।
कांग्रेस ने लगाया दमनकारी रवैये का आरोप
पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भगवान श्रीराम और हनुमान जी की आराधना करना कोई अपराध नहीं है। उनका दावा है कि सुंदरकांड पाठ का कार्यक्रम पहले से तय है और इसे हर हाल में आयोजित किया जाएगा।
ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव ने वीडियो जारी कर कहा कि भाजपा धर्म की ठेकेदार नहीं बन सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष धार्मिक कार्यक्रम करना चाहता है तो पुलिस के जरिए दबाव बनाया जा रहा है।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया
सेक्टर-40 थाना पुलिस की ओर से जारी नोटिस में कांग्रेस नेताओं को कानून अपने हाथ में न लेने और शांति बनाए रखने की हिदायत दी गई है। पुलिस का कहना है कि किसी राजनीतिक दल के कार्यालय के बाहर धार्मिक आयोजन होने से टकराव की स्थिति बन सकती है, जिससे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
भाजपा का जवाब- अंदर आइए, स्वागत करेंगे
भाजपा के शहरी जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी को सुंदरकांड पाठ से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरुकमल कार्यालय के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। यदि कांग्रेस नेताओं की श्रद्धा सच्ची है तो वे सड़क पर कार्यक्रम करने के बजाय कार्यालय के अंदर आकर शांतिपूर्वक सुंदरकांड का पाठ करें। भाजपा उनका स्वागत करेगी।
पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विवाद को देखते हुए गुरुकमल कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। खुफिया एजेंसियां भी सोशल मीडिया गतिविधियों और दोनों दलों के कार्यक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने गुरुग्राम की राजनीति को गर्मा दिया है। अब सभी की नजर कांग्रेस के प्रस्तावित कार्यक्रम और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
