हरियाणा के पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा के पिता नंदकिशोर गोयनका के पार्थिव शरीर को मुंबई से हिसार लाने वाला चार्टर्ड विमान मंगलवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। विमान की लैंडिंग के दौरान पायलट से हुई चूक के कारण प्लेन को हिसार एयरपोर्ट के चालू रनवे की बजाय बंद पड़े पुराने रनवे पर उतार दिया गया।

पुराने रनवे पर उतरते ही विमान वहां लगी रनवे लाइट (कैट आई) से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कैट आई प्लेन के विंग को चीरते हुए उसके अंदर तक घुस गई। हादसे के बाद एयरपोर्ट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान में सवार पायलट, क्रू मेंबर और अन्य सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। विमान में पूर्व सांसद सुभाष चंद्रा के पिता नंदकिशोर गोयनका का पार्थिव शरीर भी मौजूद था।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के दौरान पायलट ने सक्रिय रनवे की बजाय बंद पड़े पुराने रनवे को रनवे समझकर विमान उतार दिया, जिससे यह हादसा हुआ। घटना के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर पायलट से यह चूक कैसे हुई और क्या एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से सभी आवश्यक निर्देश दिए गए थे।

गनीमत रही कि यह हादसा किसी बड़े नुकसान में तब्दील नहीं हुआ। यदि विमान की रफ्तार अधिक होती या टक्कर का प्रभाव और गंभीर होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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