हरियाणा अब गर्मी से तपने लगा है। आज सुबह 3 से 4 बजे के आसपास जो जो रिकॉर्ड हुआ, वह 35 डिग्री तक जा पहुंचा। हालांकि कई स्थानों पर आसमान में बादलवाई है, 24 घंटों में कुछ सेंटरों पर बारिश की गतिविधि भी दर्ज हुई है, लेकिन न तो बारिश और न ही कोई पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव गर्मी पर होगा। तीन दिन तक तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ेगा। इसके बाद कुछ राहत की संभावना मौसम विशेषज्ञ जता रहे हैं।

10 जून के बाद ही मौसम में बदलाव होगा और 11 जून को उतर हरियाणा के जिलों में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की संभवना है। न्यूनतम पारा 1 डिग्री तक बढ़ा है और सिरसा में यह सबसे ज्यादा 26 डिग्री रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री गुरुग्राम में दर्ज हुआ है। बात अधिकतम तापमान की करें तो अब 10 बजे जींद 35.8 डिग्री के साथ तप रहा है। दिन में इसमें और ज्यादा इजाफा होगा। सोनीपत और बालसमंद में भी पारे में उछाल है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 8 व 9 जून को हरियाणा में मौसम खुश्क बना रहेगा। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान कहीं कहीं गरज चमक भी देखने को मिल सकती है। 10 जून को आंशिक बादल छाएंगे। 11 जून को उत्तर हरियाणा के जिले अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कैथल व कुरुक्षेत्र में येलो अलर्ट रहेगा। यहां गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना रहेगी।

मौसम विभाग की बुधवार को आयी जानकारी पर गौर करें तो आज सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर व कुरुक्षेत्र में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है।

IMD चंडीगढ़ के अनुसार तीन सेंटरों पर बारिश दर्ज हुई है। करनाल के उचानी सेंटर में 29 एमएम, महेंद्रगढ़ AWS में 13 एमएम और पंचकूला में 3.5 एमएम बारिश हुई है। महेंद्रगढ़ व नारनौल में तो हर रोज ही अलग अलग क्षेत्रों में बूंदाबांदी की गतिविधि दर्ज हो रही है। हालांकि इसका असर वहां गर्मी पर नहीं पड़ रहा। यहां का अधिकतम तापमान फिलहाल 34 डिग्री के करीब बना है।

अरब महासागर में आगे बढ़ रहे तूफान बिपरजोय जल्द ही महाराष्ट्र व गुजरात के क्षेत्रों में दस्तक दे सकता है। हरियाणा पर इसको कितना असर पड़ेगा, यह तो अभी मौसम विशेषज्ञों ने नहीं बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि अरब सागर की नमी वाली हवाएं हरियाणा व एनसीआर में पहुंचती हैं तो गर्मी से कुछ राहत की उम्मीद हो सकती है। अन्यथा यहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है और हालात लू सरीखे बन सकते हैं।

फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल में सक्रिय है, लेकिन हरियाणा में इसको कोई असर देखने को नहीं मिल रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी ऊंचाई अधिक हाेने के कारण ये ज्यादा मजबूत नहीं है। सिर्फ बादलवाई व गरज चमक तक ही सीमित रह सकता है।

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