हरियाणा के पंचकूला में महिला आयोग की सुनवाई के दौरान रोहतक की लापता युवती का मामला गरमाया। पीड़ित माता-पिता आयोग के सामने पेश हुए और अपनी बात रखी। युवती सोनीपत स्थित अशोका यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। घर लौटने के कुछ समय बाद वह अचानक लापता हो गई।
पुलिस ने जब उसकी लोकेशन ट्रेस की तो वह यूनिवर्सिटी परिसर में पाई गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से फिर गायब हो गई, जिससे मामला और रहस्यमय बन गया।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी की तीन महिला प्रोफेसर छात्राओं का कथित रूप से माइंड वॉश कर उन्हें ट्रांसजेंडर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। परिवार को आशंका है कि उनकी बेटी के साथ भी ऐसा ही हुआ है।
मामले में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को भी आयोग के सामने पेश होने के लिए तलब किया गया था, लेकिन महिला आयोग अध्यक्ष के बार-बार सवाल पूछने के बावजूद रजिस्ट्रार संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर आयोग अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए NIA से सिफारिश की जाएगी।

सोमवार को लघु सचिवालय में महिला आयोग की टीम सुनवाई के लिए पहुंची। आयोग की चेयरमैन रेनू भाटिया के नेतृत्व में टीम ने आज निर्धारित 36 मामलों पर सुनवाई की।
इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सीटीएम जागृति सहित एसीपी अजीत सिंह और एसीपी विक्रम नेहरा भी मौजूद

पंचकूला की एक युवती से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान आयोग की चेयरमैन रेनू भाटिया ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि लड़की यहां बैठी है, जबकि आरोपी पिछले दो साल से कनाडा में आराम कर रहा है। परिवार जमानत पर है, ऐसे में उस पर दबाव कैसे बनेगा। किसी भी हाल में आरोपी को भारत वापस लाया जाए।
इस पर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। हालांकि, इस पर संतोष जताने के बजाय रेनू भाटिया ने कहा कि यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि आरोपी के परिजनों पर लगातार दबाव बनाया जाए, ताकि वह जल्द से जल्द भारत लौटे।

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