रोहतक के बाबा मस्तनाथ मठ में सालाना मेला शनिवार से आरंभ हो गया है। जिसमें दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं व संतों ने मत्था टेका। वहीं इस मेले में पहली बार पैराग्लाइडिंग का आयोजन किया गया है। जिसका भी काफी लोग लुप्त उठा रहे हैं। मेले को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थी। 3 दिनों तक चलने वाले इस मेले के प्रति लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला और सैकड़ों श्रद्धालु यहां पहुंचे।
मेले में झूले भी लगाए गए, जिन पर बच्चे ही नहीं बड़ों ने भी आनंद लिया। 18 मार्च को इस मेले में कुश्ती दंगल का भी आयोजन किया जाएगा। वहीं मेले में अनेक दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें लगाई हैं, जहां पर मेला देखने आए लोगों ने जमकर खरीददारी भी की। वहीं खानपान के पकवान की स्टॉल भी मेले में आकर्षण का केंद्र रहे।
श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बाबा मस्तनाथ मठ में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक मेले में संतों का संगम देखने को मिला। बाबा मस्तनाथ की समाधि स्थल के दर्शन करने व महंत चांदनाथ के समाधि स्थल पर मात्था टेकने के लिए देशभर से साधुओं की टोलियां मठ में पहुंची। यह मेला 16 मार्च (सप्तमी) से लेकर 18 मार्च (नवमी) तक चलेगा।
मेले में भंडारे का प्रसाद बनाने के लिए हलवाई श्रवण रैबारी अपनी 50 लोगों की टीम के साथ जुटे। बाबा के भोग और श्रद्धालुओं के प्रसाद के लिए लड्डू, बालूशाही, जलेबी, गूदंपाक आदि मिठाईयां देशी घी से तैयार की गई। श्रवण रेबारी का कहना है कि वे पिछले 31 वर्षों से बाबा मस्तनाथ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के प्रसाद के लिए मिठाईयां तैयार कर रहे हैं। बाबा मस्तनाथ को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में लड्डू, बालूशाही, जलेबी, गूंदपाक वितरित किया। साथ ही चावल, सब्जी, मलीदा, मूंग की दाल, रोटी और पूरी का भोग लगाया।
